दरभंगा मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की लापरवाही: बाएं हाथ में था फ्रैक्चर, दाएं हाथ में बांधा प्लास्टर, परिजन ने दवाइयां भी नहीं देने का लगाया आरोप

0

एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) यानी चमकी बुखार (दिमागी बुखार) के कारण बिहार के मुजफ्फरपुर व आसपास के जिलों में बच्चों की मौत का सिलसिला लगातार जारी है। अस्पतालों में सुविधाओं की कमी है और राज्य सरकार के स्तर पर फिलहाल जो प्रयास हुए भी हैं, वे नाकाफी हैं। इसी बीच, बिहार के एक अस्पताल में डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है।

दरभंगा
फोटो: ANI

मामला बिहार के दरभंगा मेडिकल कॉलेज ऐंड हॉस्पिटल (डीएमसीएच) का है, जहां डॉक्टरों ने फैज़ान नामक बच्चे के दाएं हाथ में प्लास्टर बांध दिया जबकि फ्रैक्चर उसके बाएं हाथ में था। उधर, हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. राज रंजन प्रसाद ने कहा है कि लापरवाही के संबंध में संबंधित डॉक्टरों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने दावा किया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

पीड़ित फैजान के परिजनों ने बताया कि दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (DMCH) में डॉक्टरों ने बाएं हाथ की जगह दाहिने हाथ में प्लास्टर बांध दिया। फैजान की मां ने कहा, ‘यह घोर लापरवाही है। फ्रैक्टर बाएं हाथ में है तो डॉक्टर दाहिने हाथ में प्लास्टर कैसे बांध सकते हैं। यही नहीं हमें अस्पताल की तरफ से दवाइयां तक नहीं दी गईं। इस मामले में जांच होनी चाहिए।

समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक इस पर सफाई देते हुए दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ राज रंजन प्रसाद ने कहा कि, ‘मुझसे स्वास्थ्य मंत्री ने मामले की जांच करने तथा संबद्ध टीम से इस लापरवाही के संदर्भ में स्पष्टीकरण मांगने के लिए कहा है। मैं इस घटना की निंदा करता हूं और इसे ठीक करने की कोशिश कर रहा हूं। इस घटना में शामिल लोगों को दंडित किया जाएगा।’

बता दें कि बिहार में चमकी बुखार से अभी तक 150 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है। इसे लेकर लोगों में आक्रोश है। हालांकि सरकार के स्तर पर प्रयास जारी हैं लेकिन वह अभी नाकाफी ही हैं। अस्पतालों में सुविधाओं की कमी बनी हुई है। वही दूसरी ओर, वैशाली जिले में बच्चों की मौत और जल आपूर्ति को लेकर प्रदर्शन कर रहे 39 लोगों के खिलाफ एफआईआर कर दी गई। चमकी बुखार के कहर के बीच अब दरभंगा में बड़ी चिकित्सकीय लापरवाही के कारण डॉक्टरों की फजीहत हो रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here