उपचुनाव: विपक्ष और कैराना से BJP प्रत्याशी मृगांका सिंह ने EVM पर उठाए सवाल, शिवसेना ने की बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग

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देश की चार लोकसभा सीटों और 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए सोमवार (28 मई) सुबह से कड़ी सुरक्षा के बीच वोट डाले जा रहे हैं। अगले साल होने वाले 2019 लोकसभा चुनाव से पहले इन उपचुनावों को सेमीफाइनल माना जा रहा है। इस बीच उत्तर प्रदेश के कैराना लोकसभा और नूरपुर विधानसभा सीटों पर चल रहे मतदान के बीच बड़े पैमाने पर ईवीएम मशीनों के खराब होने की शिकायतें सामने आई हैं।

इसके अलावा महाराष्ट्र के भंडारा-गोंदिया लोकसभा सीट पर करीब 35 पोलिंग बूथों पर EVM में खराबी होने के कारण वोटिंग को अस्थाई रूप से रद्द करना पड़ गया। कई जगह काफी देर तक मतदान बाधित रहा और मतदान न कर पाने के कारण कई लोग वापस घरों को भी लौट गए। मतदान शुरू होने के बाद ईवीएम मशीनों में खराबी कि शिकायतें कुछ देर बाद से ही आने लगीं। मशीनों में खराबी की वजह से शामली शहर में चार बूथों पर आठ बजे तक मतदान ही शुरू नहीं हो पाया।

कैराना और नूरपुर उपचुनावों के दौरान कई जगह से ईवीएम में खराबी आने को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) और राष्ट्रीय लोकदल ने इस बारे में चुनाव आयोग से लिखित शिकायत की है। वहीं शिकायतों के बीच विपक्षी दल सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तंज भरे अंदाज में सवाल किया है कि क्या यह तकनीकी खराबी है या चुनाव प्रबंधन की विफलता या फिर जनता को मताधिकार से वंचित करने की साजिश की गई है।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर शामली, कैराना, गंगोह, नकुड, थानाभवन और नूरपुर के लगभग 175 पोलिंग बूथों से ईवीएम-वीपीपैट मशीन के ख़राब होने की शिकायत की है। उन्होंने पोलिंग बूथों की की संख्या के साथ आयोग से की गयी शिकायत की प्रति भी साझा की है। उन्होंने लिखा है, ‘‘उप चुनाव में जगह-जगह से ईवीएम मशीन के ख़राब होने की ख़बरें आ रही हैं, लेकिन फिर भी अपने मताधिकार के लिए ज़रूर जाएँ और अपना कर्तव्य निभाएं।’’

सपा अध्यक्ष ने लिखा है, ‘‘हजारों ईवीएम में खराबी की शिकायतें आ रही हैं। किसान, मज़दूर, महिलाएं व नौजवान भरी धूप में अपनी बारी के इंतज़ार में भूखे-प्यासे खड़े हैं। ये तकनीकी ख़राबी है या चुनाव प्रबंधन की विफलता या फिर जनता को मताधिकार से वंचित करने की साज़िश। इस तरह से तो लोकतंत्र की बुनियाद ही हिल जाएगी।’’

रालोद की उम्मीदवार तब्बसुम हसन ने मतदान करने के बाद बीजेपी पर आरोप लगाया कि जानबूझकर ईवीएम और वीवीपैट मशीनों से हर जगह छेड़छाड़ की गई है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम और दलित बाहुल्य इलाके में खराब ईवीएम नहीं बदले गये। भाजपा को लगता है कि वह इस तरह चुनाव जीत सकती है। तब्बसुम ने इसकी शिकायत चुनाव आयोग से भी की है।

वहीं, सपा नेता राजेंद्र चौधरी ने आरोप लगाया कि नूरपूर में 140 ईवीएम खराब हैं क्योंकि उनके साथ छेड़छाड़ की गई है, ऐसी ही खबर कैराना से भी आई है। ‘भाजपा फूलपूर और गोरखपुर का बदला लेना चाहती है इसलिए वह हमें किसी भी कीमत पर हराना चाहती है।’’

विपक्ष के साथ-साथ बीजेपी प्रत्याशी मृगांका सिंह ने EVM पर सवाल उठाया है। मृगांका सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “ईवीएम की खराबी और ना चलने के कारण मतदाता बहुत आक्रोशित है। समर्थकों में भी बहुत रोष था। तीन-तीन वह लाइन में लगे रहे लेकिन इसके बावजूद वह अपना वोट नहीं दे पाए।” उन्होंने आगे कहा, ‘यह व्यवस्था की कमी है और मैंने इस बात को अपने पार्टी के नेताओं को बताया है।’

मृगांका सिंह ने कहा, इससे मुझे बहुत नुकसान हुआ है, अब इसकी भरपाई कैसे होगी यह चुनाव आयोग के विवेक और उनके निर्णय पर निर्भर करता है। चुनाव आयोग को मैंने अपनी बात बताई है, यहां पोलिंग व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त रही है। कम वोटिंग को लेकर उन्होंने कहा कि अब मैं भगवान पर सबकुछ छोड़ती हूं।

कैराना से रालोद के टिकट पर चुनाव लड़ रही विपक्ष की साझा उम्मीदवार तबस्सुम हसन ने चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि शामली में 175 पोलिंग बूथ पर ईवीएम और वीवीपैट में गड़बड़ी पाई गई। उन्होंने मीडिया से भी कहा है कि कई जगहों पर मशीन में छेड़छाड़ की गयी है। उन्होंने कहा कि मशीनों से हर जगह छेड़छाड़ की। खराब मशीनों को मुस्लिम और दलित बहुल इलाके में नहीं बदला गया। बीजेपी को लगता है कि वे इस तरह चुनाव जीत सकते हैं।

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक विपक्ष के आरोपों से इंकार करते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि सरकार ने चुनाव आयोग से स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान कराने को कहा है। विपक्ष के आरोप निराधार हैं। बता दें कि बीजेपी सांसद हुकुम सिंह का फरवरी में निधन होने के कारण कैराना सीट पर उपचुनाव हो रहा है। सिंह की पुत्री मृगांका सिंह यहां से बीजेपी प्रत्याशी हैं। मतगणना 31 मई को होनी है।

इसके अलावा शिवसेना के नेता अनिल देसाई ने ईवीएम में गड़बड़ी को निर्वाचन आयोग की नाकामी बताते हुए बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग को दोहराया है। उन्होंने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में कहा, ‘EVM और VVPAT में तकनीकी खराबी चुनाव आयोग की असफलता को दर्शाती है। अगर उपचुनाव में यह स्थिति है तो आने वाले लोकसभा चुनाव के बारे में सोचिए। हमने और अन्य पार्टियां यह बार-बार कहा है कि चुनाव बैलेट पेपर से होने चाहिए।’ इसके अलावा एनसीपी नेता प्रफुल पटेल ने भी बैलट पेपर की मांग को दोहराया है।

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