बकाया न मिलने पर टेलीकॉम कंपनी एरिक्सन ने सुप्रीम कोर्ट से लगाई गुहार, कहा- अनिल अंबानी को देश छोड़कर न जाने दें

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स्वीडन की टेलिकॉम उपकरण बनाने वाली कंपनी एरिक्सन और मशहूर उद्योगपति अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के बीच चल रही कानूनी लड़ाई बढ़ती ही जा रही है। एरिक्सन ने भारत के सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर गुहार लगाया है कि वह अनिल अंबानी और उनके दो वरिष्ठ अधिकारियों को बिना इजाजत देश छोड़कर न जाने दें।

आपको बता दें कि इससे पहले एरिक्सन यह आरोप लगा चुकी है कि आरकॉम जानबूझकर उनकी पहले से अटकी 550 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान नहीं कर रही है। इसके बाद अब कंपनी ने आरकॉम पर जान-बूझकर 550 करोड़ रुपये का बकाया न चुकाने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट से अनिल अंबानी और आरकॉम के दो अधिकारियों के भारत छोड़ने पर रोक लगाने की मांग की है।

दरअसल, अंग्रेजी अखबार द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, एरिक्सन को यह बकाया उसके आरकॉम के साथ काम करने के एवज में दिया जाना है। यह बकाया सितंबर के अंत तक चुकाया जाना था, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। आपको बता दें कि आरकॉम पर पहले से ही करीब 45,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। एरिक्सन ने आरकॉम के अखिल भारतीय टेलिकॉम नेटवर्क को ऑपरेट और मैनेज करने के लिए 2014 में सात साल की डील की थी।

अब आरकॉम का करीब 1,600 करोड़ रुपये बकाया है। एरिक्सन ने बताया कि कोर्ट की निगरानी में हुए एक सेटलमेंट में आरकॉम ने इस 1,600 करोड़ में से 550 करोड़ रुपये का भुगतान सितंबर के अंत तक करने को कहा था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जिसके बाद वह एरिक्सन मजबूर होकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची है।

कंपनी ने कोर्ट से आरकॉम और इसके प्रबंधन के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करने और देश छोड़ने से पहले अदालत की इजाजत की गुहार लगाते हुए कहा, ‘वे देश कानून की बिल्कुल इज्जत नहीं करते, उन्होंने कानूनी प्रक्रिया का अपमान किया है। याचिका में आगे लिखा है, ‘कृपया कोर्ट के आदेश के बिना इनके देश के बाहर जाने पर रोक लगनी चाहिए। न्याय के साथ मामले का अंत करने के लिए यह जरूरी भी है।’

इस बीच एरिक्सन का बकाया चुकाने के लिए आरकॉम ने 60 दिन का और समय मांगा है। आरकॉम का कहना है कि स्पेक्ट्रम बिक्री पूरी नहीं होने के कारण कंपनी को अतिरिक्त समय चाहिए। रिलायंस कम्युनिकेशंस ने बंबई शेयर बाजार को बताया, ‘एरिक्सन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने समझा जाता है कि आरकॉम के 550 करोड़ रुपये का बकाया नहीं चुकाने पर 1 अक्टूबर, 2018 को सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की है। यह याचिका अनुचित है।’

 

 

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