नौकरी जाने पर एक महीने बाद पीएफ से 75 फीसदी पैसा निकाल सकेंगे कर्मचारी

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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपने खाताधारकों के लिए खुशखबरी दिया है। जिसके तहत बेरोजगार होने की स्थिति में वे एक माह बाद 75 फीसद तक पैसा निकाल सकेंगे। इस तरह वह अपने खाते को भी बरकरार रख सकते हैं। बेरोजगार हुए सदस्य दो महीने के बाद बाकी 25 फीसद पैसा निकालकर खाता बंद कर सकेंगे। श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने ईपीएफओ के न्यासियों की बैठक के बाद यह जानकारी दी।

गंगवार ईपीएफओ के न्यासियों के केंद्रीय बोर्ड के चेयरमैन भी हैं। संतोष गंगवार ने कहा कि हमने इस योजना में संशोधन का निर्णय किया है। इसके तहत एक महीने तक बेरोजगार रहने की स्थिति में ईपीएफओ का कोई भी सदस्य 75% तक राशि को अग्रिम तौर पर निकाल सकता है और अपने खाते को बनाए रख सकता है।

ईपीएफओ योजना 1952 के नए प्रावधान के तहत दो महीने तक बेरोजगार रहने की स्थिति में उपयोक्ता अपनी बची हुई 25 फीसदी राशि की भी निकासी कर खाते को बंद कर सकता है। मौजूदा समय में कोई भी उपयोक्ता दो महीने तक बेरोजगार रहने के बाद ही इस राशि की निकासी कर सकता है।

श्रम मंत्री ने यह भी कहा कि ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेट फंड) में ईपीएफओ का निवेश 47,431.24 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है और जल्दी ही यह एक लाख करोड़ तक पहुंच जाएगा। इस निवेश पर प्रतिफल 16.07 प्रतिशत है। अभी तक नौकरी जाने के दो माह बाद ही पीएफ से पूरा पैसा निकाला जा सकता था, लेकिन ऐसा करने के लिए पीएफ खाता बंद करना पड़ता था और पेंशन खाता भी बंद हो जाता था। नई व्यवस्था में पेंशन खाता सुरक्षित रहेगा।

इस नई योजना के तहत व्यक्ति अपना पीएफ अकाउंट बनाए रख सकता है और इसका उपयोग दूसरी नौकरी मिलने पर किया जा सकता है। पहले प्रस्ताव रखा गया था कि 60 प्रतिशत रकम ही वापस ली जा सकेगी लेकिन CBT ने यह सीमा 75 फीसदी कर दी।

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