‘मोदी जी की सेना’ वाले टिप्पणी पर घिरे सीएम योगी आदित्यनाथ, चुनाव आयोग ने तलब की रिपोर्ट

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद में रविवार को एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए भारतीय सेना को ‘मोदी की सेना’ बताया है। इस पर संज्ञान लेते हुए निर्वाचन आयोग ने रिपोर्ट मांगी है। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल.वेंकेटेश्वरलु ने बताया कि इस मामले में गाजियाबाद के जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है। जांच में अगर आदर्श आचार संहिता काउल्लंघन पाया जाएगा तो कार्रवाई की जाएगी।

योगी आदित्यनाथ
(Subhankar Chakraborty/HT PHOTO)

बता दें कि योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गाजियाबाद में एक रैली को संबोधित करते हुए भारतीय सेना के लिए ‘मोदी जी की सेना’ शब्द का इस्तेमाल किया था, जिसे लेकर विपक्ष ने सेना का अपमान बताया है। जनता को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘कांग्रेस के लोग आतंकवादियों को बिरयानी खिलाते थे और मोदी जी की सेना आतंकवादियों को गोली और गोला देती है। यही अंतर है।’

इस दौरान उन्‍होंने पुलवामा आतंकी हमले की जिम्‍मेदारी लेने वाले पाकिस्‍तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद के सरगना मसूद अजहर का भी जिक्र किया और कहा कि कांग्रेस के लोग ऐसे आतंकियों के नाम पीछे ‘जी’ लगाकर उन्हें  प्रोत्साहित करती हैं। अब प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में आज आतंकवाद को, उनके ठिकानों को नष्ट और ध्वस्त करके आतंकवाद की ही नहीं, पाकिस्तान की कमर को तोड़ने का काम भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) की सरकार कर रही है। यही अंतर है। जो कांग्रेस में नामुमकिन था, वह मोदी के लिए मुमकिन है। क्योंकि मोदी हैं तो मुमकिन है।

सीएम योगी आदित्यनाथ के इस बयान पर कांग्रेस ने बीजेपी व यूपी के सीएम को घेरा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले पर कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता मुकेश चौहान ने कहा, “योगी का बयान सीधा-सीधा आचार संहिता उल्लंघन का मामला है। इस पर चुनाव आयोग को योगी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बीजेपी को हार के डर से अब सेना का सहारा लेना पड़ रहा है। बीजेपी के पास अपनी उपलब्धि बताने के लिए कुछ नहीं है। इसीलिए मुख्यमंत्री योगी को सेना का सहारा लेकर चुनाव प्रचार करना पड़ रहा है।”

वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा और अपने बयान के लिए सीएम योगी से माफी मांगने को कहा। प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट कर कहा, “अब इंडियन आर्मी का नामकरण करके मोदी की सेना रख दिया सीएम योगी आदित्यनाथ ने। यह हमारी सेना का अपमान है। यह भारत की सेना है, प्रचार मंत्री की निजी सेना नहीं। आदित्यनाथ को अपने इस बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए।”

प्रियंका चतुर्वेदी ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, “और अगर मसूद अजहर की बात करें तो कोई भी एनएसए अजीत डोवाल की भूमिका को कैसे भूल सकता है, जिन्होंने आतंकी की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित की।”

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  1. इतना गंभीर शीर्षक क्यों लगा दिया। ऐसा कोन लड़ाई के मैदान में तोप बंदूकों से घिर गए। ECI ज्यादा से ज्यादा वार्निंग देगा और क्या कर लेगा।

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