मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, मिजोरम और तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान, 11 दिसंबर को होगी वोटो की गिनती

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चुनाव आयोग ने शनिवार(6 अक्टूबर) को मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा कर कर दी है। आयोग ने छत्तीसगढ़ में दो चरणों में चुनाव कराने की घोषणा की है। इसके अलावा मध्य प्रदेश, मिजोरम, राजस्थान और तेलंगाना में एक चरण में ही चुनाव कराए जाएंगे।

छत्तीसगढ़ में पहले चरण में 18 सीटों पर 12 नवंबर को वोटिंग होगी। इसके बाद दूसरे चरण में 72 विधानसभा क्षेत्रों में 20 नवंबर को चुनाव होंगे। आयोग ने मध्य प्रदेश और मिजोरम में एक ही चरण में 28 नवंबर को वोटिंग कराने का ऐलान किया है। वहीं, राजस्थाना और तेलंगाना में सात दिसंबर को वोटिंग होगी। हालांकि, सभी राज्यों के नतीजे 11 दिसंबर को ही आएंगे।

LIVE UPDATES:

. पांचों राज्यों के वोटो की गिनती 11 दिसंबर को होगी

. राजस्थान और तेलंगाना में 7 दिसंबर को वोटिंग होगी

. मध्य प्रदेश और मिजोरम में 28 नवंबर को चुनाव

. चुनाव आयोग ने बताया कि छत्तीसगढ़ में पहले चरण का चुनाव 12 नवंबर को, दूसरा चरण 23 नवंबर को

. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मिजोरम में आचार संहिता लागू

. चुनावों में EVM और VVPAT का होगा इस्तेमाल

. मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने कहा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मिजोरम में 15 दिसंबर से पहले चुनावी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

. चुनाव आयोग तेलंगाना चुनाव के लिए अभी तारीखों का एलान नहीं करेगा। चार राज्यों में होंगे चुनाव।

. चुनाव आयोग की प्रेस कांफ्रेंस शुरू, विधानसभा चुनाव के तारीखों का एलान संभव

बता दें कि इससे पहले चुनाव आयोग ने 12:30 बजे प्रेस कांफ्रेंस करने की बात कही थी जिसे थोड़ी देर बाद ही तीन बजे तक के लिए टाल दिया गया। प्रेंस कांफ्रेंस का समय बदलने पर कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग ने पीएम मोदी की रैली की वजह से यह कदम उठाया है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा कि चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली की वजह से प्रेस कॉन्फ्रेंस का समय दोपहर 12.30 बजे से टालकर दोपहर 3 बजे कर दिया।

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकार है, जबकि मिजोरम में कांग्रेस सत्ता में है।इन सभी राज्यों में बीजेपी और कांग्रेस में मुख्यतौर पर मुकाबला है। राजनीतिक दल चुनाव की घोषणा से पहले ही राज्य में मतदाताओं को लुभाने के लिए लगातार रैलियां कर रहे हैं। इन चुनावों के नतीजों का 2019 के चुनाव पर भी असर पड़ सकता है।

बता दें कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चन्द्रशेखर राव ने कुछ दिनों पहले ही समय से पहले विधानसभा भंग कर चुके हैं, जिसके बाद वहां भी विधानसभा के निर्धारित कार्यकाल से पहले ही चुनाव का रास्ता साफ हो गया है।

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