चुनाव आयोग ने ‘नमो टीवी’ पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से मांगा जवाब

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आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस की तरफ से दी गई शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने सूचना एंव प्रसारण मंत्रालय से 24 घंटे के चैनल ‘नमो टीवी’ को लेकर जवाब मांगा है। चुनाव आयोग ने सूचना प्रसारण मंत्रालय से पूछा है कि चुनाव से पहले नमो टीवी क्यों लॉन्च किया गया।

चुनाव आयोग

साथ ही चुनाव आयोग ने दूरदर्शन को भी नोटिस जारी किया है। बता दें कि नमो टीवी आचार संहिता के दौरान 31 मार्च को लॉन्च किया गया था। विपक्षी पार्टियों का कहना है कि आम चुनावों के मतदान से ठीक पहले बीजेपी द्वारा ‘नमो टीवी चैनल’ का प्रसारण शुरू किया गया, जिससे आदर्श आचार संहिता का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है।

चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के ‘मैं भी चौकीदार’ कार्यक्रम का लाइव प्रसारण करने पर दूरदर्शन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

बता दें कि, 31 मार्च को पीएम मोदी ने ‘मैं भी चौकीदार’ कैंपेन के तहत देशभर में चौकीदारों को संबोधित किया था, करीब डेढ़ घंटे चले इस कार्यक्रम को दूरदर्शन ने लाइव चलाया था। आप और कांग्रेस ने पीएम मोदी पर अपने प्रचार के लिए दूरदर्शन के दुरुपयोग का आरोप लगाया था।

आप की ओर से सोमवार को आयोग के समक्ष की गई शिकायत में पूछा था कि क्या आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद किसी राजनीतिक दल को अपना चैनल जारी रखने की अनुमति दी जा सकती है। अगर चुनाव आयोग से कोई इजाजत नहीं ली गई थी तो आयोग ने इस पर क्या कार्रवाई की? पार्टी ने चैनल का नाम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संक्षिप्त नाम ‘नमो’ पर रखे जाने का हवाला देते हुए कहा था कि अगर आयोग की अनुमति के बिना नमो चैनल शुरु किया गया है तो इस पर आयोग ने क्या कार्रवाई की है?

बता दें कि भारत में 11 अप्रैल से 19 मई तक 7 चरणों में आम चुनाव के लिए मतदान होना है और 23 मई को नतीजों का ऐलान होना है।

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  1. यह सब जगत कल्याण के लिए लीला की जा रही है। परिणाम तो क्लीन चिट ही है।

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