मोदी ने आधिकारिक तौर पर नोटबंदी से भारतीय अर्थव्यवस्था को मंदी में धकेला: अमेरिकी अर्थशास्‍त्री

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अमेरिका के एक जाने-माने अर्थशास्‍त्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 8 नवंबर 2016 को लागू किए गए नोटबंदी के फैसले की आलोचना की है। उन्‍होंने कहा है कि नकदी पर मोदी के हमले ने भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था को मंदी में धकेल दिया है और 2017 में भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था नेतृत्‍व मंच से नीचे उतर जाएगी।

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अमेरिकी अर्थशास्‍त्री स्टीव एच. हांके ने कहा कि भारत में ‘नकदी पर हमले’ से जैसी उम्मीद थी, इसने अर्थव्यवस्था को मंदी के रास्ते पर धकेल दिया। अमेरिकी राज्‍य मैरीलैंड के बाल्टीमोर स्थित जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी में अर्थशास्‍त्री हांके ने कहा, ‘नकद रकम के खिलाफ जंग छेड़ने से मोदी ने सरकारी तौर पर भारतीय अर्थव्यवस्था को मंदी के रास्ते पर धकेल दिया। मोदी के नोटबंदी के फैसले के बाद मैं यही सोच रहा था कि ऐसा होगा।’

भाषा की खबर के अनुसार, वॉशिंगटन स्थित कैटो इंस्टिट्यूट में ट्रब्‍ल्‍ड करंसीज प्रॉजेक्‍ट के सीनियर फैलो और डायरेक्‍टर हांके ने कहा, ‘नकद राशि के खिलाफ जंग छेड़ने से मैन्‍युफैक्‍चरिंग क्षेत्र प्रभावित हुआ है।

मोदी के फैसले से भारत में अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ा है।’ हांके ने इसके साथ ही कहा कि नोटबंदी की वजह से भारत 2017 में आर्थिक वृद्धि के मामले में नेतृत्व के मंच से नीचे खिसक सकता है।

बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा की थी। इसके तहत 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों को चलन से बाहर कर दिया गया था। सरकार के मुताबिक, उसने यह कदम कालाधन, नकली नोट और भ्रष्टाचार पर प्रहार करने के लिए उठाया था।

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