उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू बोले- ‘बीफ खाना है तो खाइए, लेकिन उत्सव मनाने की क्या जरूरत?’

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पिछले दिनों देश के कई हिस्सों में बीफ खाने को लेकर जारी विवाद के बीच उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने बीफ खानों वालों को एक नई सलाह दिए हैं, जिसे लेकर केंद्र में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में ही विरोध के सुर उठ सकते हैं। उपराष्ट्रपति नायडू ने एक कार्यक्रम में कहा कि अगर आप बीफ खाना चाहते हैं, तो खाइए। लेकिन इसके उत्सव का आयोजन क्यों? अगर आप किस करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको फेस्टिवल की या किसी की इजाजत की क्या जरूरत?’

(Express Photo by Prem Nath Pandey)

समाचार एजेंसी वार्ता की रिपोर्ट के मुताबिक, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि किसी भी व्यक्ति कि यदि बीफ खाने की इच्छा है, तो वह खा सकता है लेकिन इसके लिए उत्सव आयोजित कर प्रचार करने की क्या जरूरत है। मुंबई में सोमवार (19 फरवरी) को आरए पोद्दार कॉलेज ऑफ कामर्स एंड इकॉनामिक्स की प्लेटेनियम जुबली समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने न केवल बीफ खाने वालों को नसीहत दी, बल्कि संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरू को फांसी दिए जाने का विरोध और इसका बखान करने वालों को भी नहीं बख्शा।

किस के लिए इवेंट आयोजित करने को लेकर भी नायडू ने कहा यदि आप किस करना चाहते हैँ तो इसके लिए किसी उत्सव की या किसी की अनुमित की क्या आवश्यकता है। अफजल गुरु के मामले में उपराष्ट्रपति ने कहा कि, कुछ लोग उसका बखान कर रहे हैं, यह क्या है, अफजल ने हमारी संसद को धमाके से उड़ाने की कोशिश की थी।

कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों, अध्यापकों और कॉलेज के कर्मचारियों से उपराष्ट्रपति ने घर और कॉलेज के वातावरण को तनावरहित बनाने का अनुरोध करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ अभिभावक अपने बच्चों की क्षमता को समझ पाने में नाकाम रहते हैं।

बता दें कि नायडू ने केंद्र सरकार में रहने के दौरान जब बीफ को लेकर बहस छिड़ी थी उस समय भी बयान दिया था कि वह स्वयं मांसाहारी हैं। उन्होंने कहा था कि मुझे कभी भी किसी ने कभी कुछ खाने से नहीं रोका। भोजन को व्यक्तिगत पंसद बताते हुए उस वक्त नायडू ने कहा था सबको अपनी मर्जी और पसंद का भोजन करने का पूरा अधिकार है।

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