राफेल पर लोकसभा में घमासान: जब राहुल गांधी ने अनिल अंबानी को ‘डबल A’ के नाम से किया संबोधित, BJP मंत्री का कथित ऑडियो चलाने की नहीं मिली इजाजत

0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राफेल डील को लेकर दिए गए बयान के बाद कांग्रेस ने एक ऑडियो के जरिए पलटवार किया है। कांग्रेस ने बुधवार (2 जनवरी) को एक ऑडियो फाइल जारी की जिसमें ऐसा लग रहा है कि गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत प्रताप सिंह राणे कथित तौर पर कह रहे हैं कि गोवा के मुख्यमंत्री व पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के पास राफेल सौदे की सभी फाइलें हैं। कांग्रेस ने इन फाइलों को सार्वजनिक करने की मांग की है। ऑडियो को लेकर कांग्रेस की तरफ से दावा किया गया है कि मंत्री राणे किसी एक शख्स से बातचीत कर रहे हैं।

कांग्रेस ने दावा किया कि बीजेपी मंत्री ने उस अज्ञात शख्स को बताया कि मनोहर पर्रिकर ने कैबिनेट की बैठक में कहा कि राफेल डील के कागजात उनके बेडरूम में हैं, उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने अपने इस दावे के सबूत के तौर पर गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे की बातचीत की एक ऑडियो क्लिप भी सुनाई। कांग्रेस के हमले के एक दिन पहले ही पीएम मोदी ने समाचार एजेंसी ANI को दिए एक इंटरव्यू में कांग्रेस पर आरोप लगाया कि राफेल जेट सौदे पर सवाल उठाकर वह सुरक्षा बलों को कमजोर कर रही है।

राहुल गांधी ने की गोवा के मंत्री का कथित ऑडियो टेप चलाने की मांग

राफेल डील पर बुधवार सुबह कांग्रेस द्वारा जारी ऑडियो टेप पर संसद में जमकर हंगामा हुआ। हंगामा, नारेबाजी के बीच विपक्षी सांसदों ने कागज के जहाज बनाकर उड़ाए। इस दौरान लोकसभा में बोलते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा में चर्चा के दौरान गोवा के मंत्री का कथित ऑडियो टेप चलाने की मांग की। हालांकि, लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने ऐसा करने से मना कर दिया। ऑडियो टेप चलाने की मांग को लेकर राहुल गांधी और स्पीकर सुमित्रा महाजन व वित्त मंत्री अरुण जेटली में तीखी नोकझोंक भी हुई।

राहुल ने टेप चलाने की मांग भी की, जिसका जेटली ने विरोध किया, जिसके बाद संसद में जोरदार हंगामा शुरू हो गया। वित्त मंत्री ने कहा कि कांग्रेस का टेप फर्जी है। वहीं, लोकसभा स्पीकर ने आगे कहा कि राहुल जी आप इस तरह के आरोप नहीं लगा सकते हैं और यह सब कार्यवाही की रिकॉर्डिंग में नहीं जाएगा। आप लिखित में टेप की पुष्टि कीजिए।आखिर में स्पीकर ने राहुल गांधी को टेप चलाने की अनुमति नहीं दी।

महाजन ने राहुल गांधी से साफ कहा कि संसद में आप टेप नहीं चला सकते। अगर उसका लिखित बयान पढ़ना हो तो भी आपको उसकी सत्यता की पुष्टि करनी होगी। इसपर राहुल गांधी बीजेपी और मोदी सरकार पर तंज सकते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मुझे पता है कि वे (सत्तापक्ष) डरे हुए हैं इसलिए मैं टेप नहीं चलाऊंगा। जिसपर पलटवार करते हुए जेटली ने कहा कि आप (राहुल गांधी) झूठ बोल रहे हैं इसलिए टेप की पुष्टि नहीं कर रहे हैं।

अनिल अंबानी को ‘डबल A’ के नाम से किया संबोधित

राफेल मुद्दे पर लोकसभा में चर्चा के दौरान राहुल गांधी कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने एचएएल से राफेल का कॉन्ट्रैक्ट छीनकर अनिल अंबानी की कंपनी को दिलवा दिया। इसके बाद स्पीकर सुमित्रा महाजन ने राहुल गांधी से किसी व्यक्ति का नाम सदन में लेने से मना कर दिया जिस पर कांग्रेस अध्यक्ष भड़क गए। राहुल गांधी ने कहा, क्या मैं अनिल अंबानी की नाम भी नहीं ले सकता है? तो क्या मैं उन्हें ‘डबल A’ के नाम से संबोधित कर सकता हूं?

हालांकि राहुल गांधी ने रक्षा मंत्री का जिक्र करते हुए दोबारा अनिल अंबानी का नाम लिया और कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने मित्र की जेब में 30 हजार करोड़ रुपये डाल दिए। राहुल ने कहा कि हमें लगता था कि दाल में कुछ काला है लेकिन यहां तो पूरी दाल ही काली है। राफेल मुद्दे पर बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा, मैंने कल प्रधानमंत्री का इंटरव्यू देखा जिसमें वह कह रहे थे कि राफेल पर उनसे कोई सवाल नहीं पूछा जा रहा है। लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि पूरा देश राफेल को लेकर प्रधानमंत्री से सवाल पूछ रहा है।

उन्होंने कहा कि उस समय के रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने खुद कहा था कि मुझे इस डील के बारे में कोई आइडिया नहीं है। मेरा सवाल है कि क्या बिना वायुसेना से बात किए राफेल का सौदा बदला गया? राहुल ने कहा कि PM मोदी ने फ्रांस जाकर वहां के राष्ट्रपति से मिलकर उन्होंने राफेल सौदा बदल दिया। लेकिन अभी तक एक भी राफेल विमान क्यों नहीं आया? उन्होंने कहा कि UPA की सरकार में एक राफेल विमान की कीमत 526 करोड़ रुपये थी लेकिन मोदी सरकार में उसी विमान की कीमत 1600 करोड़ रुपये हो गई।

राफेल मामले में ‘पूरी दाल काली’

राफेल को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अब इस मामले में ‘पूरी दाल काली’ है और अब पूरा देश प्रधानमंत्री से सवाल पूछ रहा है कि किसके कहने पर राफेल का सौदा बदला गया। लोकसभा में राफेल मामले पर लोकसभा में चर्चा के दौरान उन्होंने दावा किया कि संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की जांच से ही इस मामले में ‘दूध का दूध, पानी का पानी’ हो जाएगा।

गांधी ने कहा कि संप्रग सरकार के समय वायुसेना के कहने पर 126 राफेल विमान खरीदने की प्रक्रिया आगे बढी थी, लेकिन प्रधानमंत्री ने नए सौदे में 36 विमान कर दी गई। उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री बताएं कि किसके कहने पर यह किया गया, क्या वायुसेना ने यह कहा था?

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस मामले में दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है। गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री से अब इस मामले में पूरा देश में सवाल पूछ रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग डरे नहीं, जेपीसी की जांच कराएं। दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here