डॉ. कफील खान का सनसनीखेज आरोप, कहा- मेरे भाई पर हमले के पीछे बीजेपी सांसद कमलेश पासवान का हाथ

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जिले गोरखपुर में बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज में पिछले साल संदिग्ध परिस्थितियों में बड़ी संख्या में भर्ती मरीज बच्चों की मृत्यु के मामले के आरोपी डॉक्टर कफील खान के भाई कासिफ जमील पर पिछले दिनों हुए हमला मामले में एक नया मोड़ आ गया है। डॉक्टर कफील खान ने रविवार (17 जून) को सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके भाई कासिफ पर गोली चलाने के पीछे बीजेपी सांसद कमलेश पासवान और बलदेव प्लाजा के मालिक सतीश नगलिया हैं। कफील ने आरोप लगाया कि इन लोगों ने शूटर तय किए थे।

file photo- Dainik Bhaskar

बता दें कि 10 जून को डॉक्टर कफील के छोटे भाई को गोली मार दी गई थी। घटना को अंजाम देने वाले लोग अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इस मामले में कफील ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि घटना को सात दिन बीत जाने के बावजूद भी आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने हमसे वादा किया था कि वह 48 घंटों के अंदर अपराधियों को पकड़ लेंगे। इस घटना को एक हफ्ते बीत चुके हैं लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

कफील का कहना है कि बीजेपी सांसद कमलेश पासवान और सतीश नांगलिया (बलदेव प्लाजा के मालिक) की इस वारदात के पीछे अहम भूमिका है। उन्होंने आरोप लगाया है कि इसके लिए बाकायदा कमलेश और सतीश ने शूटर्स तय किए थे। डॉ. कफील ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, ‘कमलेश पासवान से मेरे भाई की कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं थी। मेरे चाचा की जमीन के एक हिस्से पर कमलेश और सतीश नांगलिया ने अतिक्रमण किया था। जमीन को लेकर फरवरी से ही यह विवाद चल रहा है। इस मामले में प्राथमिकी भी दर्ज हुई और हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी।’

डॉक्टर कफील ने कहा कि पुलिस के आश्वासन के बावजूद एक सप्ताह बीत गए, लेकिन अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने वादा किया था कि उनके भाई कासिफ को गोली मारने वाले को 48 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया जाएगा, लेकिन सात दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। इससे साबित होता है कि बीजेपी सांसद कमलेश पासवान के इशारे पर सब हो रहा है।

कफील ने मांग की है कि इस मामले की जांच अब सीबीआई करे या फिर हाईकोर्ट के जज के निगरानी में हो। उन्होंने कहा, ‘अब मैं यूपी पुलिस से जांच नहीं करवाना चाहता हूं’। बता दें कि डॉक्टर कफील खान के छोटे भाई कासिफ जमील पर 10 जून को गोरखनाथ मंदिर से कुछ ही दूरी पर जानलेवा हमला हुआ था। वह रात के 10.30 बजे निजी काम से वापस घर लौट रहे थे। इस घटना में जमील के दाहिने हाथ, गर्दन और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं।

गौरतलब है कि कफील को पिछले साल 10-11 अगस्त को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में संदिग्ध रूप से ऑक्सीजन की कमी के कारण 24 घंटे के अंदर 30 से ज्यादा बच्चों की मौत के मामले में गिरफ्तार किया गया था। हादसे के वक्त वह मेडिकल कालेज के एईएस वार्ड के नोडल अफसर थे। उन्हें हाल ही में जमानत पर रिहा किया गया है। डॉ. कफील खान को एक 25 अप्रैल को करीब 8 माह बाद जमानत मिली थी। अगस्त, 2017 में एक हफ्ते के भीतर अस्पताल में 60 से अधिक बच्चों, ज्यादातर शिशुओं की मौत हो गई थी। आरोप था कि ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं होना हादसे की वजह बना।

हालांकि योगी सरकार ने इससे इनकार कर दिया था कि ऑक्सीजन की कमी मौतों का कारण बनी थी। इस घटना के दौरान कफील तब चर्चा में आए थे जब मीडिया में उन्हें बच्चों के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर पहुंचाते हुए दिखाया गया था। हालांकि बाद में इसी मामले उन्हें आरोपी भी बनाया गया और उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था। हादसे के वक्त वह मेडिकल कालेज के एईएस वार्ड के नोडल अफसर थे।

Dr Kafeel's brother

Dr Kafeel's brother being carried in hospital after being shot at by unknown assailants

Posted by Janta Ka Reporter on Sunday, June 10, 2018

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