उन्नाव-कठुआ पर बोले PM मोदी- बलात्कार का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए

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कठुआ और उन्नाव बलात्कार मामले को लेकर देशभर में आक्रोश के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (18 अप्रैल) को कहा कि ‘बलात्कार, बलात्कार होता है’ और उसका राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। सेंट्रल हॉल वेस्टमिंस्टर में यहां ‘भारत की बात, सबके साथ’ कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि, ‘हम हमेशा अपनी बेटियों से पूछते हैं कि वो क्या कर रही हैं, कहां जा रही हैं। हमें अपने बेटों से भी पूछना चाहिए, जो व्यक्ति ये अपराध कर रहा है, वह भी किसी का बेटा है।’

(Source: PIB/Twitter)

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैं इस सरकार और उस सरकार में बलात्कार की घटनाओं की संख्या की गिनती में कभी शामिल नहीं हुआ। बलात्कार, बलात्कार है, चाहे वह अब हुआ या पहले हुआ हो। यह बेहद दुखद है। बलात्कार की घटनाओं का राजनीतिकरण नहीं करें।’ उन्होंने कहा कि किसी बेटी से बलात्कार देश के लिए शर्म का विषय है। मोदी का यह बयान जम्मू कश्मीर के कठुआ और उत्तर प्रदेश के उन्नाव में बलात्कार की घटनाओं को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश के बीच आया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने लंदन के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल, वेस्टमिंस्टर में ‘भारत की बात सबके साथ’ कार्यक्रम में गीतकार प्रसून जोशी के सवालों के जवाब दे रहे थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैंने लालकिले से भी कहा था कि सिर्फ बेटी पर निगरानी रखना सही नहीं, बेटों पर भी निगरानी होनी चाहिए।

किताब से गरीबी नहीं सीखी

उन्होंने कहा कि मुझे किताब पढ़कर के गरीबी सीखनी नहीं पड़ रही है। मुझे टीवी पर गरीबी को एहसास नहीं करना है। मैंनें वह जिंदगी झेली है। मोदी कहा कि इसलिए मैं मन से मानता हूं कि इनकी जिंदगी में कुछ तो बदलाव लाऊं। उन्होंने  एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि मैं मानता हूं कि जिस दिन बेसब्री खत्म हो जाएगी, उस दिन देश के काम नहीं आऊंगा। उन्होंने कहा कि हर शाम सोता हूं तो दूसरे दिन का सपना लेकर सोता हूं। हर सुबह लक्ष्य होता है मेरे पास। अहमियत कम नहीं या

कार्यक्रम में गीतकार प्रसून जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रेलवे से रॉयल पैलेस के सफर के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा मेरे संघर्ष का स्वर्णिम पृष्ठ रेलवे स्टेशन रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रेल पटरियों की आवाजों से मैंने बहुत कुछ सीखा है।

 

 

 

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