अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव : पहली बहस में हिलेरी, ट्रंप के बीच जोरदार बहस

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अमरेकिा में राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन और उनके रिपब्लिकन समकक्ष डोनाल्ड ट्रंप के बीच चुनाव से पहले टेलीविजन पर प्रसारित आमने सामने की पहली बहस (प्रेसीडेंशियल डिबेट) में अर्थव्यवस्था और नई नौकरियां पैदा करने को लेकर एक दूसरे से तीखी तकरार हुई.

ट्रंप ने दावा किया कि चीन के पुनर्निर्माण के लिए अमेरिका का इस्तेमाल गुल्लक की तरह किया जा रहा है. उन्होंने कहा, ‘देश से नौकरियां जा रही है. ये नौकरियां मेक्सिको जा रही है. वे कई अन्य देशों में जा रही हैं. आप देखिए कि चीन हमारे उत्पाद बनाने के संदर्भ में हमारे देश के साथ क्या कर रहा है.’

ट्रंप ने कहा, ‘वे अपनी मुद्रा का अवमूल्यन कर रहे हैं और हमारी सरकार में ऐसा कोई नहीं है, जो उनके खिलाफ लड़े.’ उन्होंने कहा, ‘क्योंकि वे चीन के पुनर्निर्माण के लिए हमारे देश का इस्तेमाल गुल्लक की तरह कर रहे हैं और कई अन्य देश भी यही चीज कर रहे हैं.’

भाषा की खबर के अनुसार, न्यूयॉर्क के रियल एस्टेट कारोबारी ने कहा कि हमें ऐसा कुछ करने की जरूरत है कि हमारे देश के रोजगार दूसरी जगह न जाने पाएं. उन्होंने कहा, ‘हमें हमारी कंपनियों को अमेरिका छोड़ने और इसके साथ, उनके लोगों को नौकरी से निकाले जाने से रोकना होगा.’ ट्रंप ने कहा, ‘हम ऐसा होने नहीं दे सकते. मेरी योजना के तहत मैं टैक्स को बहुत कम कर दूंगा, मैं कंपनियों, छोटे और बड़े कारोबारों के लिए इन्हें 35 प्रतिशत से कम करके 15 प्रतिशत कर दूंगा.’ उन्होंने कहा, ‘इससे नौकरियां पैदा होंगी जो हमने रोनाल्ड रीगन के दौर के बाद से नहीं देखा है. यह देखना बहुत खूबसूरत होगा.’

वहीं राष्ट्रपति पद के चुनाव की बहस के मंच पर आने पर उनकी प्रतिद्वंद्वी हिलेरी क्लिंटन ने ट्रंप की बात से असहमति जताई. उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि व्यापार एक महत्वपूर्ण मामला है. निस्संदेह, हम विश्व की आबादी का पांच प्रतिशत हैं, हमें अन्य 95 प्रतिशत के साथ व्यापार करना है और इसके लिए हमें बुद्धिमान होना होगा और हमें अच्छे व्यापारिक सौदे हासिल करने की जरूरत है.’

हिलेरी ने कहा, ‘हालांकि, हमें ऐसी कर प्रणाली की भी जरूरत है, जो काम को पुरस्कृत करे, न कि केवल वित्तीय लेन-देन को. डोनाल्ड ट्रंप ने जो योजना आगे रखी है, वह अर्थव्यवस्था को नीचे की ओर ले जाएगी.’ उन्होंने कहा कि दरअसल, यह अति होगी और इस देश के सबसे समृद्ध वर्ग के लोगों के लिए टैक्स में अब तक की सबसे पड़ी कटौती होगी. हिलेरी ने कहा, ‘हम अर्थव्यवस्था का विकास इस तरह नहीं करते.’

हालांकि इस बीच ट्रंप ने दोहराया कि चीन समेत अन्य देशों के साथ व्यापारिक सौदों पर फिर से वार्ता किए जाने की जरूरत है. उन्होंने कहा, ‘हमारा देश गहरे संकट में है. जब अवमूल्यन और जब विश्व भर में चीन समेत इन सभी देशों की बात आती है, तो हम नहीं जानते कि हम क्या कर रहे हैं. वे इस मामले में सबसे अच्छे हैं. वे जो हमारे साथ कर रहे हैं, वह बहुत बहुत दुखद बात है.’
ट्रंप ने कहा, ‘हमें हमारे व्यापारिक सौदों पर फिर से वार्ता करनी होगी. वे हमारी नौकरियां ले रहे हैं, वे प्रोत्साहन राशि दे रहे हैं, सच कहूं, वे ऐसी चीजें कर रहे हैं जो हम नहीं करते.’ उन्होंने कहा, ‘हिलेरी क्लिंटन ने हाल में इसके बारे में बात की है. वह 30 वर्षों से यह कर रही हैं. उन्होंने समझौतों को बेहतर क्यों नहीं बनाया? नाफ्टा समझौते में खामियां हैं.’

इस बीच हिलेरी ने आरोप लगाया कि ट्रंप को आर्थिक मंदी से लाभ हुआ है. उन्होंने कहा, ‘हमने सबसे बुरा वित्तीय संकट देखा, 1930 के बाद सर्वाधिक मंदी का दौर. इसका मुख्य कारण कर नीतियां थीं, जिन्होंने अमीरों पर करों में कटौती की, जो मध्यम वर्ग में निवेश करने में असफल रहीं, जिन्होंने तूफान पैदा कर दिया.’

हिलेरी ने कहा, ‘दरअसल डोनाल्ड उन लोगों में से एक थे, जिन्होंने आवासीय संकट का समर्थन किया.’ उन्होंने कहा कि उनके पास बहुत मजबूत योजनाएं हैं, ‘और लोगों ने दोनों की योजनाएं देखी हैं जिससे निष्कर्ष निकलता है कि मेरी योजनाओं से एक करोड़ नौकरियां पैदा होंगी और आपकी योजनाओं से हम 35 लाख नौकरियां गवां देंगे और इससे कर्ज में भारी बढ़ोतरी होगी जिससे मंदी पैदा होगी.’

दोनों उम्मीदवारों ने अर्थव्यवस्था और नौकरियों के मुद्दे पर एक दूसरे को घेरते हुए तथ्यों को लेकर एक दूसरे पर आरोप लगाए. हिलेरी ने सबसे पहले मुद्दा उठाया और तथ्यों का पता लगाने के लिए लाखों दर्शकों से अपनी वेबसाइट देखने को कहा. हिलेरी ने कहा, ‘हमने मेरी वेबसाइट हिलेरीक्लिंटन डॉट कॉम का होमपेज लिया है और हमने इसे तथ्यों के जांचकर्ता के रूप में बदला है. इसलिए अगर आप यह देखना चाहते हैं कि तथ्य क्या हैं, तो कृपया जाइए और देखिए.’

ट्रंप ने हस्तक्षेप करते हुए कहा, ‘और मेरी भी (वेबसाइट) देखिए और आप देखेंगे.’ हिलेरी ने कहा कि उन्होंने जो प्रस्ताव रखा है उससे एक पैसा भी कर्ज नहीं बढ़ेगा, जबकि ट्रंप की योजनाओं से एक हजार अरब डॉलर का कर्ज बढ़ेगा. उन्होंने कहा, ‘मैंने जो प्रस्ताव रखा है उससे लघु व्यवसायों के लिए नियम सुगम बनेंगे. मैंने जो प्रस्ताव रखा है उसका भुगतान अमीरों पर कर बढ़ाकर किया जाएगा, क्योंकि उन्होंने अर्थव्यवस्था से सभी प्रकार के लाभ लिए हैं.’ हिलेरी ने कहा, ‘और मुझे लगता है कि अब समय आ गया है जब अमीर इस देश को समर्थन देने के लिए अपने उचित हिस्से का भुगतान करें.’

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