‘अखाड़ा परिषद द्वारा फर्जी बाबाओं की लिस्ट में बाबा रामदेव का नाम शामिल नहीं करने पर हुई निराशा’

0

पिछले कुछ सालों से देश के स्वयंभू धर्मगुरुओं के खिलाफ आपराधिक कृत्य सामने आने के बाद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने रविवार(10 सितंबर) को बड़ा एलान करते हुए 14 फर्जी बाबाओं की एक सूची जारी की है। अखाड़ा द्वारा जारी इस लिस्ट में गुरमीत राम रहीम, आसाराम, नारायण साईं, रामपाल, निर्मल बाबा, राधे मां, सचिन दत्ता, असीमानंद, ओम बाबा सहित 14 बाबाओं के नाम शामिल हैं।इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर योग गुरु बाबा रामदेव पर निशाना साधा है। सिंह ने अखाड़ा परिषद द्वारा जारी फर्जी बाबाओं की सूची पर सोमवार(11 सितंबर) को ट्वीट कर पूछा है कि फर्जी बाबाओं की लिस्ट में बाबा रामदेव का नाम क्यों नहीं है? कांग्रेस नेता ने ट्वीट कर लिखा है, “सम्माननीय अखाड़ा परिषद ने इस सूचि में बाबा रामदेव का नाम नहीं रखा। निराशा हुई। पूरे देश को ठग रहा है। नकली को असली बता कर बेंच रहा है।”

बता दें कि रविवार को इलाहाबाद में कार्यकारिणी की बैठक में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने 14 फर्जी बाबाओं की एक सूची जारी की। इन फर्जी बाबाओं के प्रयाग कुंभ में प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही अखाड़ा परिषद सनातन धर्मावलंबियों को इन बाबाओं से दूर रहने के लिए जागरूक भी करेगा। इलाहाबाद के बाघंबरी मठ में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की विशेष बैठक में 13 अखाड़ा के 26 संत शामिल थे।

इस सूची में आसाराम उर्फ आशुमल शिरमानी, सुखबिंदर कौर उर्फ राधे मां, सच्चिदानंद गिरि उर्फ सचिन दत्ता, गुरमीत राम रहीम, ओमबाबा उर्फ विवेकानंद झा, निर्मल बाबा उर्फ निर्मलजीत सिंह, इच्छाधारी भीमानंद उर्फ शिवमूर्ति द्विवेदी, स्वामी असीमानंद, ऊँ नमः शिवाय बाबा, नारायण साईं, रामपाल, आचार्य कुशमुनि, बृहस्तपति गिरि और मलखान सिंह के नाम हैं।

बता दें कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद देशभर के 13 अखाड़ों का संगठन है, जिसमें बड़ी संख्या में संत शामिल हैं। इसे हिंदू धर्म में ऊंचा स्थान हासिल है। अखाड़ा की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि स्यंभू बाबाओं की बुरे कामों की वजह धर्म और समाज का नुकसान होता है इस वजह से फर्जी संतों की सूची जारी की जा रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here