दिल्ली में डीजल टैक्सियों पर रोक का मामला लोकसभा में उठा, सरकार से हस्तक्षेप की मांग

0

दिल्ली में डीजल टैक्सियों के परिचालन पर रोक लगाए जाने का मामला आज लोकसभा में उठा और केंद्र सरकार से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करते हुए उच्चतम न्यायालय में अपील करने की मांग की गयी।
cabs-759

सदन में शून्यकाल में यह मामला उठाते हुए भाजपा के रमेश बिधूड़ी ने उच्चतम न्यायालय के इस आदेश को दिल्ली सरकार की लापरवाही बताया और कहा कि पिछले तीन साल से यह मामला अदालत में लंबित था और उसके बावजूद राज्य सरकार डीजल टैक्सियों का पंजीकरण करती रही।

Also Read:  वीडियो: 12 साल की बेटी पूछ रही है उन्होंने मेरे पिता को क्यों मारा, 'मेरे पिता मेरे सारे सपने पूरा करना चाहते थे,

उन्होंने कहा कि दिल्ली में 60 हजार टैक्सियां हैं जिनमें से 27 हजार पंजीकृत डीजल टैक्सियां हैं। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने प्रदूषण के आधार पर इन टैक्सियों के परिचालन पर रोक का जो आदेश जारी किया है वह दिल्ली सरकार की ऑड ईवन की नौटंकी का नतीजा है।

Also Read:  INDvsAUS: भारत 274 रन बनाकर ऑल-आउट, ऑस्ट्रेलिया के सामने 188 रनों की चुनौती

समाचार एजेंसी भाषा की खबर के अनुसार बिधूड़ी ने कहा कि आईआईटी दिल्ली ने भी अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि सर्वाधिक प्रदूषण पावर प्लांट से , इ’ट भट्ठों से और निर्माण गतिविधियों से होता है। उन्होंने बमि’घम यूनिवर्सिटी की एक रिपेार्ट का हवाला देते हुए कहा कि उसने भी कहा है कि वाहनों से केवल 14 से 18 फीसदी प्रदूषण होता है।

Also Read:  भाजपा शासित राज्यों में सांप्रदायिक हिंसा ज्यादा: कांग्रेस

भाजपा सदस्य ने कहा कि आज दिल्ली में 27 हजार परिवार सड़कों पर हैं। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करे और उच्चतम न्यायालय में पक्ष रखे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here