अंकित सक्सेना की शोकसभा में परिजनों को मुआवजा देने से जुड़े सवाल पर केजरीवाल के उठकर जाने की क्या है हकीकत?

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सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर अंकित सक्सेना के परिवार के अपमान का आरोप लग रहा है। शेयर हो रहे वीडियो के मुताबिक दिल्ली के ख्याला में अंकित की तेरहवीं पर शोकसभा में आए केजरीवाल कार्यक्रम को बीच में ही छोड़कर चले गए।AAP के बागी नेता कपिल मिश्रा ने इस वीडियो ट्वीट कर दावा किया है कि अंकित के परिजनों को मुआवजा देने से जुड़े सवाल का जवाब दिए बिना केजरीवाल उठकर चले गए। कपिल मिश्रा का आरोप है कि पीछे से अंकित के पिता के आवाज लगाने पर भी केजरीवाल नहीं रुके। बता दें कि दिल्ली का रहने वाला अंकित सक्सेना मुस्लिम समुदाय की लड़की से प्यार करता था। लड़की के परिवारवालों पर आरोप है कि उन्होंने गला रेतकर अंकित की हत्या कर दी।

दैनिक जागरण के मुताबिक, सोमवार को अंकित की तेरहवीं पर शोकसभा आयोजित की गई थी। दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कई प्रमुख दलों के नेतागण इस कार्यक्रम में शामिल हुए। कपिल मिश्रा के मुताबिक, ‘अंकित के परिजनों ने जब कहा कि जीवनयापन मुश्किल हो रहा है आप एक सहायता राशि की घोषणा कीजिए तो उनके बोलते हुए ही केजरीवाल सभा से उठ के चल दिए।

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रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अंकित के पिता पीछे से केजरीवाल को पुकारते रहे और अंत में उन्हें कहना पड़ा कि मेरे साथ गेम मत खेलो। ये बहुत अपमानजनक है, क्या मुख्यमंत्री वहां उनका अपमान करने गए थे! शोक सभा से ऐसे नहीँ जाया जाता।’ कपिल मिश्रा ने जो वीडियो ट्वीट किया है उसमें केजरीवाल को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि मैं नहीं चाहता कि राशि को लेकर यहां कोई वाद-विवाद हो।

इसके बाद जब केजरीवाल उठकर जाने लगते हैं तो सामने बैठा व्यक्ति उनसे पूछता है कि जीवन-यापन कैसे होगा, बस इसके लिए उनसे पूछा जा रहा है। उस आदमी की बात पूरी सुने बिना ही केजरीवाल उठकर चले जाते हैं। वीडियो में केजरीवाल को रोकने के लिए एक शख्स पीछे से केजरीवाल जी सुनिए…केजरीवाल जी सुनिए कहता हुआ सुनाई देता है।कपिल का दावा है कि यह शख्स अंकित के पिता हैं।

जानिए, क्या है वीडियो की पूरी हकीकत?

मीडिया रिपोर्ट में दावा जा रहा है कि अंकित के परिजनों को मुआवजा देने से जुड़ा जो शख्स सवाल कर रहा है वह अंकित के परिवार का सदस्य था। जिसके सवाल का जवाब दिए बिना केजरीवाल उठकर चले गए। जबकि हकीकत यह है वीडियो में जो शख्स केजरीवाल से मुआवजे की बात कर रहा है वह अंकित सक्सेना के परिवार का सदस्य है ही नहीं।

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जो ताजा वीडियो ‘जनता का रिपोर्टर’ के हाथ लगा है उसमें वह व्यक्ति खुद अपने आप को हिंदू संगठन का नेता बताते हुए सुनाई दे रहा है। वहीं आम आदमी पार्टी का दावा है कि केजरीवाल से मुआवजे की बात रहा है शख्स उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संगठन हिंदू युवा वाहिनी का नेता है। हालांकि वीडियो में वह शख्स खुद को सनातन हिंदू युवा वाहिनी दिल्ली का प्रदेश अध्यक्ष बता रहा है। (आप नीच वीडियो देख सकते हैं)

जबकि कपिल मिश्रा के ट्वीट के बाद तमाम मीडिया रिपोर्ट में उस शख्स को अंकित सक्सेना के परिवार का सदस्य बताकर सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाया जा रहा है। साथ ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरंविंद केजरीवाल पर धर्म देखकर मुआवजे की कीमत लगाने का आरोप लगाया जा रहा है। जबकि आम आदमी पार्टी का कहना है कि विपक्ष द्वारा लगाया जा रहा यह आरोप सरासर निराधार है।

BJP MLA's audio seeking leadership change in Rajasthan goes viral

Arvind Kejriwal at the prayer meet of Ankit Saxena when Hindutva leader demanded for compensation. It was the Hindutva leader, who demanded the compensation not the family, say AAP leaders

Posted by Janta Ka Reporter on Tuesday, February 13, 2018

केजरीवाल ने मुआवजा देने में नहीं किया भेदभाव

  • बता दें कि दिसंबर 2013 में केजरीवाल सरकार ने दक्षिण दिल्ली के घिटोरनी इलाके में मारे गए दिल्ली पुलिस के सिपाही विनोद कुमार के परिवार को एक करोड़ का मुआवजा दिया था। कथित तौर पर शराब माफिया ने एक्साइज महकमे में तैनात सिपाही विनोद कुमार को पीट-पीटकर मार डाला था।
  • अप्रैल 2016 में केजरीवाल सरकार ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अधिकारी तंजील अहमद के परिजन को एक करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि दिया था। एनआईए के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) खान की अप्रैल महीने में उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के एक गांव में गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।
  • मई 2016 में केजरीवाल सरकार ने एनडीएमसी के दिवंगत अधिकारी एमएम खान के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया था। एनडीएमसी के संपत्ति अधिकारी एमएम खान की तीन करोड़ रुपये की रिश्वत स्वीकार करने से इनकार करने पर हत्या कर दी गई।’
  • नवंबर 2016 में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वन रैंक वन पेंशन की मांग को लेकर खुदकुशी करने वाले पूर्व फौजी रामकिशन के परिवार को भी एक करोड़ रुपये का मदद दिया था। इसके साथ ही उन्होंने परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की थी।
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2 COMMENTS

  1. तो अंकित के परिवार को 1 करोड़ क्यों नही दिया । क्या दिल्ली की सरकार के पास पैसा नही है या सरकार की नीयत नही है । केजरीवाल क्या साबित करना चाहते है । जनता देख रही है जब औरो को 1 करोड़ क्यों दिया । या तो अंकित को भी 1 करोड़ दो नही तो जनता का वोट भूल जाओ । राजनीति ना करो इस मुद्दे पर तो बेहतर होगा । ये जनता की भावना का मुद्दा है ।

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