दरभंगा: जूनियर छात्रों से रैगिंग मामले में मेडिकल कॉलेज की 54 छात्राओं पर लगा 50-50 हजार रुपये का जुर्माना

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बिहार के मेडिकल कॉलेजों में जूनियर छात्रों पर रैगिंग का मामला रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। राज्य में भागलपुर मेडिकल कॉलेज के बाद अब दरभंगा मेडिकल कॉलेज में रैंगिग का मामला सामने आया है। रैगिंग के मामले में कॉलेज की 54 छात्राओं पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है, छात्राओं को ये राशि 25 नवंबर तक जमा करानी होगी।

समाचार एजेंसी आईएएनएस की ख़बर के मुताबिक, बिहार के दरभंगा मेडिकल कॉलेज (डीएमसीएच) में प्रथम वर्ष की एक छात्रा के साथ रैगिंग के मामले में कॉलेज की 54 छात्राओं पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इन दोषी छात्राओं को ये राशि 25 नवंबर तक जमा करानी होगी।

इस बारे में डीएमसीएच के प्राचार्य डॉ. आर. के. सिन्हा ने शनिवार को बताया कि जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर इन सभी छात्राओं को विभाग से निलंबित कर दिया जाएगा।

ख़बरों के मुताबिक, कॉलेज के ओल्ड छात्रावास की एक छात्रा ने रैगिंग से तंग आकर 11 नवंबर को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) दिल्ली से शिकायत की थी। अपनी शिकायत में छात्रा ने वरिष्ठ छात्राओं पर बदसलूकी के साथ ही मारपीट के आरोप लगाए थे।

साथ ही पीड़ित छात्रा ने अपनी शिकायती पत्र में कहा है कि लगातार हो रही रैगिंग की वजह से वह मानसिक तनाव में रहती है और डर के कारण ठीक से पढ़ाई नहीं कर पा रहीं है।

इसके बाद डॉ़ सिन्हा की अध्यक्षता में बनी एंटी रैगिंग समिति ने इस मामले में जांच प्रारंभ की। एमबीबीएस की पहले और तीसरे सेमेस्टर की सभी छात्राओं से 17 नवंबर को प्राचार्य ने अपने कार्यालय में पूछताछ की। इसके बाद प्राचार्य ने एंटी रैंगिंग समिति की अनुशंसा पर छात्राओं पर सामूहिक दंड लगाने का निर्णय लिया।

प्राचार्य ने बताया कि जांच के दौरान एक भी छात्रा ने जूनियर की रैगिंग की बात नहीं स्वीकार की। इसे देखते हुए प्रवाधानों के मुताबिक छात्रावास में रहने वाली प्रथम से लेकर तृतीय सेमेस्टर की सभी छात्राओं पर सामूहिक दंड लगाया गया है। साथ ही उन्होंने बताया कि कॉलेज प्रबंधन ने इनके अभिभावकों को भी बुलाया है।

बता दें कि, अभी हाल ही में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर में जूनियर छात्रों से रैगिंग के आरोपों में 22 छात्रों को निलंबित कर दिया गया है। इनमें से 16 छात्रों को तीन साल के लिए, जबकि 6 छात्रों को एक साल के लिए निलंबित किया गया।

बता दें कि, रैगिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट के सख्त गाइड लाइन के बावजूद उच्च शिक्षण संस्थानों में गुपचुप तरीके से रैगिंग जारी है। इस घटना ने इस सच्चाई को जाहिर कर दिया है कि रैगिंग को लेकर बने तमाम कठोर नियमों के बावजूद यह बदस्तूर जारी है।

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