अमित शाह के दावों के उलट देखिए गुजरात सहित BJP शासित राज्यों में विकास की हकीकत

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भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने हाल ही में एक टीवी न्यूज चैनल से बाचतीत के दौरान दावा किया कि पिछले पांच सालों में किसी भी बीजेपी शासित राज्यों को देखें तो कांग्रेस शासित राज्यों की तुलना में तीन गुना बेहतर है। इस दौरान उन्होंने गुजरात का विशेष तौर से जिक्र किया। न्यूज 18 से बातचीत में उन्होंने कहा कि किसी भी कांग्रेस शासित राज्य में पांच साल के दौरान हुए काम को देखिए, गुजरात विकास के मामले में उनसे तीन गुना आगे है। हम इस मुद्दे पर कांग्रेस के साथ चर्चा करने को तैयार हैं।हालांकि, अमित शाह के दावों उलट जब आप आंकड़ों पर नजर डालेंगे तो तो गरीबों की संख्या वाले राज्यों के नाम पढ़कर आप हैरान रह जाएंगे। बीपीएल यानी गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले प्रत्येक राज्य के प्रदर्शन का हमने विश्लेषण कर कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े जुटाए हैं। यह सभी आंकड़े भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा जारी किए गए हैं।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने देश के सभी राज्यों में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों की जनसंख्या पर एक रिपोर्ट जारी किया है। RBI की इस रिपोर्ट में जो खुलासा हुआ है इसमें अमित शाह के दावों के विपरीत गुजरात में करीब 16 प्रतिशत जनसंख्या यानी लगभग 1.02 करोड़ लोग गरीबी रेखा ने नीचे जीवन यापन करने को मजबूर हैं। यह स्थिति तब है जब गुजरात में बीजेपी पिछले 22 सालों से राज कर रही है।बता दें कि गुजरात में 9 और 14 दिसंबर को चुनाव होने हैं। दरअसल, गुजरात भारत तो नहीं है लेकिन गुजरात का चुनाव देश की सियासत के लिए महत्वपूर्ण है। राजनीतिक दलों के लिए यह चुनाव 2019 के लिए के लिए एक मनोवैज्ञानिक बढ़त बनाने का भी मौका है। यही वजह है कि राज्य में सत्ता बरकरार रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह सहित तमाम बीजेपी के दिग्गज नेता और दर्जनों केंद्रीय मंत्री एड़ी-चोटी का जोर लगा दिए हैं।

दरअसल कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी जिस तरह गुजरात में चुनावी दौरे के दौरान युवती के साथ सेल्फी लेने में नहीं हिचकिचा रहे और जिस तरह वे ढाबों में जाकर स्थानीय व्यंजनों के चटखारे ले रहे हैं और सबसे बड़ा बदलाव ये है कि वो गुजरात के सारे प्रमुख मंदिरों में मत्था टेक रहे हैं, जिस तरह कांग्रेस की तरफ से सोशल मीडिया पर जुमलों पर वार पलटवार हो रहा है, इससे बीजेपी डर गई है। साथ ही राहुल गांधी के भाषण देने के अंदाज में भी व्यापक रूप से बदलाव देखने को मिला है।

अन्य राज्यों में गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों की जनसंख्या 

गुजरात के अलावा बीजेपी शासित अन्य राज्यों पर भी नजर डालें तो स्थिति काफी भयावह है। अब बीजेपी शासित राज्य मध्य प्रदेश की बात करते हैं जहां शिवराज सिंह चौहान 2005 से सत्ता में बरकरार हैं। पिछले साल मुख्यमंत्री के तौर पर शिवराज सिंह चौहान के 11 साल पूरे होने पर बीजेपी ने भव्य आयोजन किया था।

आरबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश में 3.15 करोड़ जनसंख्या गरीबी रेखा से नीचे रहती है, जो राज्य की आबादी का करीब 32 फीसदी है। इसके अलावा महाराष्ट्र में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों की संख्या 3 करोड़ से अधिक है, बिहार में 2 करोड़ और राजस्थान में 2.09 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करते हैं।

बीजेपी शासित राज्यों के विपरीत केरल पर नजर डालते हैं, जहां बीजेपी को कभी सरकार बनाने का अवसर नहीं मिला। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि केरल में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले सिर्फ 23 लाख लोग ही हैं। बता दें कि पिछले कई सालों से केरल में बीजेपी सत्ता में आने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इस क्रम में पिछले साल विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक चुनावी रैली में केरल की तुलना अफ्रिक्री सोमालिया से कर दी थी।

प्रधानमंत्री ने एक चुनावी रैली के दौरान कहा था कि राज्य में आदिवासियों के बीच शिशु मृत्यु दर की स्थिति अफ्रीकी देश सोमालिया से भी बदतर है। हालांकि हकीकत सामने आने के बाद पीएम मोदी के इस बयान की काफी आलोचना हुई थी। जिसके बाद बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह को तिरुअनंपुरम में एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करके पीएम के बयान का बचाव करना पड़ा था।

 

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