ममता बनर्जी ने पाक के खिलाफ वायुसेना द्वारा किए गए एयर स्ट्राइक के मांगे सबूत, कहा- देश जानना चाहता है कि बालाकोट में कितने आतंकी मारे गए?

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार से भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान में घुसकर की गई एयर स्ट्राइक पर सवाल उठाते हुए सुबूत मांगा है। ममता ने गुरुवार (28 फरवरी) को कहा कि हमारे जवानों का जीवन चुनावी राजनीति से ज्यादा कीमती है, लेकिन देश को यह जानने का अधिकार है कि पाकिस्तान के बालाकोट में वायुसेना के हवाई हमले के बाद वास्तव में क्या हुआ था?

ममता बनर्जी
फाइल फोटो

विदेशी मीडिया की उन रिपोर्टों का हवाला देते हुए जिनमें कहा गया था कि आतंकी शिविरों पर भारतीय वायुसेना के हमलों से कोई नुकसान नहीं हुआ है, ममता ने कहा, ‘बलों को तथ्यों के साथ सामने आने का मौका दिया जाना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘हवाई हमलों के बाद हमें बताया गया कि 300 से 350 मौतें हुईं लेकिन मैंने न्यूयॉर्क टाइम्स और वॉशिंगटन पोस्ट में ऐसी खबरें पढ़ीं जिनमें कहा गया कि बालाकोट में कोई इंसान नहीं मारा गया। एक अन्य विदेशी मीडिया रिपोर्ट में केवल एक व्यक्ति के घायल होने की बात कही गई थी।’

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक बंगाल की सीएम ने कहा, ‘हमें यह जानने का अधिकार है, इस देश के लोग यह जानना चाहते हैं कि बालाकोट में कितने आतंकी मारे गए? वास्तव में बम कहां गिराया गया था? क्या यह लक्ष्य पर गिरा था?’ गौरतलब है कि मंगलवार को दिल्‍ली में सरकारी अधिकारियों ने बताया था कि वायुसेना ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा राज्‍य के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के बड़े प्रशिक्षण शिविरों पर बम गिराकर उन्हें तबाह कर दिया। इस हमले में 350 आंतकवादी, उनके प्रशिक्षक और बड़े कमांडर मारे गए।

हालांकि, गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फेंस के दौरान भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने भारत और पकिस्तान के बीच हाल में हुए झड़पों को लेकर असाधारण खबर दी। एक महत्वपूर्ण बयान में भारतीय वायु सेना ने मंगलवार सुबह पाकिस्तान में एयर स्ट्राइक के दौरान आतंकियों के मारे जाने की संख्या को लेकर टीवी चैनलों द्वारा किए गए दावों का खंडन किया। बालाकोट में जैश ए मोहम्मद के ठिकाने को निशाना बनाने से नुकसान के बारे में एक सवाल के जवाब में भारतीय वायु सेना के एबीएम आर जी के कपूर ने कहा कि हमारे पास साक्ष्य हैं कि जो करना चाहते थे, जो लक्ष्य था, हमने उसे हासिल किया है। (पीटीआई/भाषा इनपुट के साथ)

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