TMC सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने संसद में सुनाई अपनी दास्तां, कहा- बचपन में मेरे साथ भी हुआ था यौन उत्पीड़न

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राज्यसभा ने बुधवार को पोक्सो संशोधन विधेयक पारित कर दिया जिसमें चाइल्ड पोर्नोग्राफी को परिभाषित करते हुए बच्चों के खिलाफ अपराध के मामलों में मृत्यु दंड का भी प्रावधान किया गया है। उच्च सदन में लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण संशोधन विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि बच्चों के खिलाफ यौन अपराध और बलात्कार के मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए केंद्र सरकार ने 1023 विशेष फास्ट ट्रैक अदालतें गठित करने को मंजूरी दी है।

उन्होंने कहा कि अभी तक 18 राज्यों ने ऐसी अदालतों की स्थापना के लिए सहमति जताई है। महिला एवं बाल विकास मंत्री के जवाब के बाद उच्च सदन ने विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया। तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ ब्रायन ने पोस्को संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान बचपन में खुद के यौन उत्पीड़न का शिकार होने की दास्तां सुनाई।

NDTV के मुताबिक, 58 वर्षीय डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि वह गर्व से बताना चाहते हैं कि वह 13 साल की उम्र में कोलकाता में एक भीड़ भरी बस में यौन दुर्व्यवहार का शिकार हुए थे। यह घटना उस समय की है जब वह टेनिस की प्रेक्टिस करके बस से घर वापस लौट रहे थे। उस दौरान उन्होंने टीशर्ट और हाफ पैंट पहन रखी थी। एक अनजान व्यक्ति ने उनके साथ यौन दुर्व्यवहार किया।

ब्रायन ने बताया कि इस घटना के बारे में वह कई सालों तक वह चुप्पी साधे रहे, लेकिन बाद में उन्होंने इससे अपने माता-पिता को अवगत कराया। सदन में कई अन्य सदस्यों ने भी बच्चों को अच्छे और बुरे मकसद से स्पर्श करने (गुड टच और बैड टच) के बारे में जागरूक करने की जरूरत पर बल दिया। डेरेक ने अपने कटु अनुभव साझा करते हुए इस विधेयक के प्रावधानों का स्वागत किया।

इस दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि 1023 विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन के लिए कुल 767 करोड़ रूपये का खर्च किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसमें से केंद्र 474 करोड़ रूपये का योगदान देगा। ईरानी ने कहा कि सरकार अपनी विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से इस बात को प्रोत्साहन दे रही है कि बच्चे अपने विरूद्ध होने वाले यौन अपराधों के बारे में निडर होकर शिकायत कर सकें और अपने अभिभावकों को बता सकें।

उन्होंने इस विधेयक पर हुई चर्चा के दौरान तृणमूल कांग्रेस नेता डेरेक ओ ब्रायन द्वारा उनके साथ 13 वर्ष की आयु में हुए यौन अपराध की एक घटना का जिक्र किए जाने का उदाहरण देते हुए कहा कि इस बात को उन्होंने अब 58 वर्ष की आयु में सार्वजनिक तौर पर कहा है। उन्होंने कहा कि समाज में अब पुरुषों को भी इस तरह की घटनाओं का उल्लेख करने में संकोच नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस विधेयक में चाइल्ड पोर्नोग्राफी को परिभाषित किया गया है ताकि ऐसे अपराधों को रोकने में मदद मिल सके।

 

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