पंचकूला हिंसा मामले में गिरफ्तार बलात्कारी बाबा राम रहीम के समर्थक ने अंबाला जेल में की खुदकुशी

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पंचकूल हिंसा मामले में गिरफ्तार डेरा सच्चा सौदा प्रमुख बलात्कारी बाबा गुरमीत राम रहीम के एक कथित समर्थक ने रविवार(3 सितंबर) की दोपहर अंबाला जेल में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के सरसावा के माजरी कला गांव का निवासी 28 साल के रविंदर को बीते 25 अगस्त को पंचकूला में हिंसा के दौरान गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद कोर्ट ने 27 अगस्त को रविंदर को अंबाला स्थित केंद्रीय कारागार में भेज दिया था।journalist suicideहिंदुस्तान में छपि रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार की सुबह रविंदर की मां उससे मुलाकात के लिए आई थी। इस दौरान मां ने रविंदर को एक दुपट्टा दिया। बताया जाता है कि रविंदर यह दुपट्टा लेने के बाद खासा भावुक हो रहा था और कभी मां और कभी गुरू राम रहीम को याद कर रहा था।

फिर दोपहर करीब ढाई बजे रविंदर जेल में बने बाथरूम में गया। दस मिनट तक जब वह वापस नहीं आया तो कैदियों द्वारा सूचित करने पर जेल कर्मचारियों ने बाथरूम का दरवाजा तोड़कर देखा तो रविंदर दुपट्टे से फांसी पर लटका हुआ था। सूचना मिलने पर बलदेव नगर थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे।

अंबाला के पुलिस अधीक्षक अभिषेक जोरवाल ने बताया कि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बलात्कार के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद इस डेरा समर्थक को 25 अगस्त को पंचकूला में हुई हिंसा के बाद गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद रविंदर को न्यायिक हिरासत में अंबाला जेल में रखा गया था।

राम रहीम को 20 की सजा

बता दें कि सीबीआई की एक विशेष अदालत ने साध्वी से दुष्कर्म के दो मामलों में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को 25 अगस्त, 2017 को दोषी करार दिया था, जबकि 28 अगस्त को 10-10 साल की सश्रम कैद की सजा सुनाई गई थी। अब बाबा को 20 साल जेल में रहना होगा, क्योंकि दोनों सजाएं एक के बाद एक चलेंगी। यानी एक सजा पूरी होने के बाद दूसरी शुरू होगी।

जेल के साथ ही विशेष सीबीआई जज जगदीप सिंह ने राम रहीम पर दोनों मामलों में 15-15 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न अदा करने पर राम रहीम को दो-दो साल की और सश्रम कैद भुगतनी होगी। इनमें से 14-14 लाख रुपये की राशि दोनों पीड़िताओं को दी जाएगी। फिलहाल, राम रहीम को रोहतक की सुनारिया जेल में रखा गया है। राम रहीम को दोषी करार दिए जाने वाले दिन हुई हिंसा में 30 से ज्यादा लोगों की जान गई थी, जबकि 250 से ज्यादा घायल हो गए थे।

 

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