एक बार में ही बचे सारे पुराने नोट जमा करेंगे तो नहीं पूछा जाएगा सवाल: वित्त मंत्री अरुण जेटली

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वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि अगर कोई एक बार में पुराने 500 और 1,000 रुपये के नोट जमा करता है तो कोई सवाल नहीं पूछा जाएगा, लेकिन बार-बार पैसा जमा करने पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं।

रिजर्व बैंक द्वारा 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों को जमा करने संबंधी नियम कड़े किए जाने के बाद उन्होंने यह बात कही।

कुल 15.4 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 500 और 1,000 रुपये में से करीब 13 लाख करोड़ रुपये बैंकों में जमा होने के मद्देनजर सरकार ने सोमवार को नियम में बदलाव किया।

इसके तहत कोई व्यक्ति 30 दिसंबर तक 5,000 रुपये से ज्यादा पुराने नोट एक बार ही जमा कर सकता है, लेकिन इसके लिए उन्हें यह बताना होगा कि अब तक उन्होंने इसे क्यों नहीं जमा किया था।

अरुण जेटली

इस कदम के पीछे के तर्क के बारे में बताते हुए जेटली ने कहा कि नोटबंदी के बाद कुछ क्षेत्रों एवं जनोपयोगी सेवाओं के लिए पुराने नोट स्वीकार किए जाने को लेकर जो छूट दी गई थी।

वह पिछले सप्ताह समाप्त हो गई और माना जा रहा है कि जिनके पास भी पुराने नोट थे, उन्होंने बैंकों में जमा करा दिए। उन्होंने कहा, ‘जिसके पास भी पुराने नोट हैं, उसे उस नोट के जरिये लेन-देन की अनुमति नहीं है। वे उसे केवल बैंक में ही जमा कर सकते हें।

भाषा की खबर के अनुसार, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, ‘लेकिन अगर वे हर दिन जाते हैं और कुछ पैसे जमा करते हैं तो एक ही व्यक्ति के बार-बार बैंक जाने से यह संदेह होता है कि आखिर उसके पास पैसे आ कहां से रहे हैं।

ऐसे में उस व्यक्ति के लिए कुछ चिंता की वजह है। इसीलिए सभी को सलाह दी जाती है कि आपके पास जो भी पैसे हैं, आप उसे बैंक में जमा कराइ दीजिए।’

बैंकों में कतार कम करने के लिए पाबंदी वाले नोट रखे लोगों को एक बार में सारे पैसे जमा करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि वह बार-बार बैंकों में न जाएं। उन्होंने कहा, ‘वो बैंक जाकर पहली बार ही कितनी भी रकम जमा करा लें, कोई भी उनसे सवाल नहीं पूछने जा रहा है। इसीलिए, 5,000 रुपये की सीमा उन पर लागू नहीं होगी, बशर्ते वो उसे एक बार में जमा करें।

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