मेट्रो के बढ़े हुए किराए ने दिल्ली की 65 फीसदी महिलाओं की सुरक्षा डाली खतरे में, सस्ते परिवहन विकल्प लेने को होना पड़ेगा मजबूर: सर्वेे

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मेट्रो के बढ़े हुए किराए ने दिल्ली की 65% महिलाओं को अपनी सुरक्षा खतरे में डालकर सस्ते परिवहन विकल्प लेने को मजबूर होना पड़ेगा। बढ़े हुए किराए को लेकर दिल्ली मेट्रो के अधिकारी किसी की सुनने के लिए तैयार नहीं है। वे नहीं समझ रहे कि इस बढ़े हुए किराए का आम लोगों पर कितना फर्फ पड़ेगा जबकि एक सर्वे से यह बात सामने आई है कि मेट्रो का किराया बढ़ने की वजह से अब 68.23 प्रतिशत महिलाएं अब मेट्रो की जगह दूसरे परिवहन साधनों से यात्रा करने को मजबूर होंगी जो उनके लिए सुरक्षा की दृष्टि से उचित नहीं होगा।

मेट्रो

दिल्ली महिला आयोग ने मेट्रो के बढ़े हुए किराये के मसले पर मेट्रो से यात्रा करने वाली 2,516 महिलाओं और लड़कियों पर सर्वे किया है। सर्वे में यह बात सामने आई है कि 68.23 प्रतिशत महिलाएं अब मेट्रो की जगह दूसरे संसाधनों से यात्रा करने को मजबूर होंगी।

दरअसल महिलाएं मेट्रो को सुरक्षित परिवहन का साधन मानती हैं, लेकिन किराया बढ़ने पर उन्हें बस, टैक्सी या ऑटो से यात्रा करनी पड़ेगी, जिसमें यात्रा करना उनके लिए मेट्रो की तरह सुरक्षित नहीं होगा। दिल्ली मेट्रो का अधिकतम किराया 50 रुपए से बढ़ाकर 60 रुपए कर दिया गया है।

मेट्रो का बढ़ा किराया लागू

बता दें कि दिल्ली मेट्रो के किराए को लेकर चली लंबी जद्दोजहद के बाद अंतत: मंगलवार(10 अक्टूबर) से मेट्रो का बढ़ा किराया लागू हो गया है। किराया बढ़ने के बाद पांच किलोमीटर से अधिक की दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को 10 रुपए अधिक देना पड़ रहा है।

पांच महीने में दूसरी बार बढ़े इस किराए से पांच किलोमीटर से अधिक दूरी की यात्रा करने वाले सभी यात्री प्रभावित होंगे। वहीं, दो से पांच किलोमीटर की यात्रा करने वालों को पांच रुपए अधिक का भुगतान करना होगा।

नया किराया इस प्रकार है:-

दो किलोमीटर तक के लिए 10 रुपये, दो से पांच किलोमीटर तक के लिए 20 रुपये, पांच से 12 किलोमीटर के लिए 30 रुपये, 12 से 21 किलोमीटर के लिए 40 रुपये, 21 से 32 किलोमीटर के लिए 50 रुपये और 32 किलोमीटर से ज्यादा की यात्रा के लिए 60 रुपये।

नया किराया मेट्रो की ब्लू, येलो, रेड, ग्रीन और वायलेट लाइन पर लागू होगा। हालांकि, एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन (ऑरेंज लाइन) के किरायों में कोई बदलाव नहीं होगा। बता दें कि जब दिल्ली मेट्रो ने 25 दिसंबर 2002 को अपनी सेवाएं शुरू की थीं तो न्यूनतम किराया चार रुपये और अधिकतम किराया आठ रुपये था।

दिल्ली मेट्रो के किराये में एक साल के भीतर यह दूसरी वृद्धि है। पिछली बार किराए में बढ़ोतरी के महज पांच महीने के भीतर फिर से किराया बढ़ने से पांच किमी. से ज्यादा का सफर तय करने वाला हर यात्री प्रभावित होगा

बता दें कि, कई मेट्रो स्टेशनों के बाहर एनएसयूआई ने किराया बढ़ाने के विरोध में प्रदर्शन भी किया। इधर, दिल्ली सरकार भी इस फैसले से नाखुश है। दिल्ली सरकार लगातार किराया वृद्धि का विरोध करती रही, उधर शहरी विकास मंत्री ने मेट्रो के सही संचालन के लिए किराया बढ़ाने को सही बताया।

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