उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा: BJP अल्पसंख्यक सेल के उपाध्यक्ष अख्तर रजा का घर भी उपद्रवियों ने फूंका, पार्टी के किसी भी नेता ने नहीं किया संपर्क

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संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एनआरसी) को लेकर उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा ने कई लोगों की जान ले ली। कई लोग बुरी तरह से घालय हो गए, जिसका अभी भी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। फिलहाल, स्थिति तो सामान्य हो रही है लेकिन हिंसा के दौरान हुई भयावहता सामने आ रही है। हिंसा के दौरान उपद्रवियों ने सैकड़ों घरों और दुकानों को आग के हवाले कर दिया। इसी दंगे में भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के उपाध्यक्ष अख्तर रजा का घर भी दंगाईयों ने जला दिया। हिंसक भीड़ ने भागीरथी विहार नाला रोड के पास स्थित अख्तर रजा के घर को भी आग के हवाले कर दिया।

हिंसा
फोटो: सोशल मीडिया

टेलीग्राफ़ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के उपाध्यक्ष अख्तर रजा ने उस वाकये को याद करते हुए कहा है, ”वे लोग धार्मिक नारे लगा रहे थे। शाम 7 बजे के आसपास उन्होंने हमारी तरफ़ पत्थर फेंकना शुरू किया। मैंने मदद के लिए पुलिस को फ़ोन किया लेकिन पुलिस ने मुझे यहां से जाने के लिए कहा। हम किसी तरह यहां से भागने में कामयाब रहे, लेकिन उन्होंने मेरा घर जला दिया।” अख्तर रजा दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले के बीजेपी अल्पसंख्यक इकाई के उपाध्यक्ष हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक रज़ा ने कहा कि, “इलाके में मुसलमानों के 19 घर एक ही गली में हैं। उन सभी को चुन-चुनकर तोड़फोड़ और आगजनी की गई है। सभी दंगाई बाहरी थे। लेकिन कुछ स्थानीय लोगों ने बाहरी लोगों को मुस्लिम समुदाय के घरों के बारे में जानकारी दी।” उन्होंने कहा कि छह मोटरसाइकिलें और घर का सारा सामान जलकर खाक हो गया। कुछ मीटर की दूरी पर ही रज़ा के दो चाचा के घरों को आग लगा दी गई थी।

अख्तर रज़ा बीते पांच सालों से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा, ”भाजपा से किसी ने मुझसे (हिंसा के बाद) संपर्क नहीं किया, कोई फोन नहीं आया। किसी तरह की कोई मदद नहीं मिली।” रज़ा के घर के सामने एक गली है, जिसमें से कई शव भी बरामद किए गए हैं। भागीरथी विहार और उसके पास स्थित मुस्तफ़ाबाद में रविवार को माहौल तनाव पूर्ण रहा।

बता दें कि, संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एनआरसी) को लेकर उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 46 हो गई है। समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, जीटीबी अस्पताल में 38, लोक नायक हॉस्पिटल में 3, जेपीसी हॉस्पिटल में 1, और राम मनोहर लोहिया अस्पताल में चार की मौत हुई है। कई इलाकों में भड़की हिंसा में 56 पुलिसकर्मियों समेत करीब 200 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। इस हिंसा में हेड कांस्टेबल रतनलाल और इंटेलिजेंस ब्यूरो के अफसर अंकित शर्मा की भी मौत हो गई।

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