दिल्ली में जंगलराज की स्थिति, केंद्र व दिल्ली सरकार इस मुद्दे को लेकर गंभीर नहीं : दिल्ली हाईकोर्ट

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देश की राजधानी दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चल रही सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार पर सख्त टिप्पणी कीहै। दिल्ली हाईकोर्ट के मुताबिक यह स्थिति तो जंगलराज वाली है, ऐसे में कोई भी जो चाहे वो कर सकता है।

delhi high court

दैनिक भास्कर के मुताबिक दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा, “दिल्ली पुलिस के मुताबिक, करीब 11 हजार नमूने जांच के लिए फॉरेंसिक लैब में पड़े हैं। इससे मामलों में छानबीन प्रभावित होगी। इसे लेकर कोई (केंद्र और दिल्ली सरकार) भी गंभीर नहीं है। क्या आप (केंद्र के वकील) यह चाहते हैं कि हम कहें कि देश की सरकार को दिल्ली के लोगों की सुरक्षा की चिंता नहीं है? हम आपसे नरमी के साथ यह बता रहे हैं लेकिन आपको समझ में नहीं रहा है। आप हमें सख्त टिप्पणी करने के लिए मजबूर करें। आपका कंक्रीट प्रस्ताव (महिला सुरक्षा के मामले से संबंधित) कहां है?’

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गौरतलब है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने इससे पहले दिल्ली पुलिस में नए जवानों की भर्ती का आदेश जारी किया था। लेकिन इस पर केंद्र सरकार की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि इस मामले में जो भी करना है, वह वित्त मंत्रालय को करना है। जस्टिस बीडी अहमद और संजीव सचदेव की बेंच इस पर भी भड़क गई। उन्होने कहा, “आप इस मामले में स्पष्ट प्रस्ताव लेकर आएं। हम कब तक आपका इंतजार करेंगे? आपके पास अगर फंड नहीं है तो आप बताइए, हम केस बंद कर देंगे।’’

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नई दुनिया के अनुसार  16 दिसंबर, 2012 को वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म कांड के बाद हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सुनवाई शुरू की थी। बाद में इसमें अतिरिक्त पुलिस बल, महिला सुरक्षा, सीसीटीवी कैमरे और फोरेंसिक टेस्ट संबंधी मुद्दे भी शामिल हो गए

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