हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों को दो हफ्ते के भीतर बढ़ी हुई फीस लौटाने का दिया आदेश, केजरीवाल सरकार को कार्रवाई की दी खुली छूट

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दिल्ली हाईकोर्ट ने 98 निजी स्कूलों को फटकार लगाते हुए अभिभावकों से ली हुई बढ़ी फीस कोर्ट में जमा कराने का आदेश दिया है। निजी स्कूलों को ये फीस दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के दफ्तर में जमा करानी होगी। हाई कोर्ट ने बुधवार(6 सितंबर) को कहा कि स्कूलों को यदि सरकार की कार्रवाई से बचना है तो उन्हें जस्टिस अनिल देव सिंह कमेटी की सिफारिशों के अनुसार पैसा वापस करना ही होगा।RERA

 

बता दें कि दिल्ली सरकार ने जस्टिस अनिल देव सिंह कमिटी की रिपोर्ट के आधार पर निजी स्कूलों को फीस लौटाने का आदेश देते हुए यह साफ कर दिया है कि जो स्कूल फीस नहीं लौटाएंगे, उन स्कूलों का टेकओवर कर लिया जाएगा। अब इस मामले में निजी स्कूलों को हाईकोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया।

पीठ ने याचिका देने वाले स्कूलों से कहा है कि वे दो सप्ताह के भीतर कुल रकम का 75 प्रतिशत हाईकोर्ट में जमा कराएं, इसके बाद उनकी याचिका पर सुनवाई की जाएगी। जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और नज्मी वजीरी की पीठ के कड़े रुख के बाद स्कूलों ने कहा कि वे 75 फीसदी पैसा कोर्ट में जमा करा देंगे, लेकिन सरकार की कार्रवाई से पहले उनकी मांगों पर विचार हो।

निजी स्कूलों और संघों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद और अमित सिब्बल के इस प्रस्ताव को हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया। इससे पहले स्कूलों की ओर से कहा गया कि पैसे की जगह उनकी संपत्ति को जमानत के तौर पर रखा जाए। पीठ ने इसे खारिज करते हुए कहा कि बाद हम (कोर्ट) संपत्ति को कहां बेचते रहेंगे।

जब छात्रों से पैसे वसूले गए तो आखिर गए कहां। इसके बाद स्कूलों ने कहा कि वे 50 फीसदी रकम जमा करा देंगे, लेकिन हाईकोर्ट इतने पर तैयार नहीं हुआ। बाद में स्कूलों ने 75 फीसदी रकम जमा कराने की हामी भर दी। बता दें कि केजरीवाल सरकार ने कहा कि अगर निजी स्कूल फीस वापस नहीं करेंगे तो 449 निजी स्कूलों का प्रबंधन अपने हाथों में लेगी।

केजरीवाल सरकार कार्रवाई की दी खुली छूट

हाईकोर्ट ने केजरीवाल सरकार को स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने की खुली छूट देते हुए कहा है कि अभिभावक पिछले 6 साल से इंतजार कर रहे हैं। अब इसमें किसी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पीठ ने सरकार से कहा कि यदि कार्रवाई करने में कोई कठिनाई हो या बाधा आए तो हाईकोर्ट से मदद ली जाए।

केजरीवाल सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि 43 स्कूलों का संचालन अपने हाथ में लेने के लिए प्रकिया चल रही है।कार्रवाई की फाइल मंजूरी के लिए उपराज्यपाल के पास भेज दी गई है। बता दें कि अनिल देव कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि निजी स्कूलों ने मनमाने तरीके से फीस बढ़ाई है।

केजरीवाल सरकार ने करीब 449 निजी स्कूलों को नोटिस जारी कर बढ़ी हुई फीस लौटाने के निर्देश दिए थे। सरकार के इस आदेश के खिलाफ 98 स्कूलों ने कोर्ट में गुहार लगाई थी, लेकिन अब कोर्ट ने साफ कर दिया है कि इन स्कूलों को 75 फीसदी हिस्सा कोर्ट में जमा करवाना होगा और बाकी स्कूलों को भी अभिभावकों को बढ़ी हुई फीस लौटानी होगी।

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