केजरीवाल सरकार से दिल्ली हाईकोर्ट ने पूछा, गोमांस खाना अपराध क्यों ?

0

बीफ खाने वाले को अपराधिक श्रेणी में लाने के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से एक जनहित याचिका पर जवाब मांगा है। यह जवाब दिल्ली पुलिस से भी मांगा गया है।

दिल्ली मवेशी संरक्षण अधिनियम के अनुसार दिल्ली में गोमांस रखना और खाना अपराध है। मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी और न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा की खंडपीठ ने आम आदमी पार्टी सरकार से इस मामले में आठ दिसंबर तक जवाब दाखिल करने को कहा है। याचिका चार मई को दायर की गई थी।

Also Read:  Arvind Kejriwal replies to Manohar Parrikar: Make CBI independent and I will join the federal agency

याचिका में दिल्ली कृषि मवेशी संरक्षण अधिनियम के उस प्रावधान को चुनौती दी गई है, जिसमें बीफ रखने व खपत को अपराध बनाया गया है।

यह याचिका कानून के छात्र और अनुसूचित जातियों के विकास के लिए काम करने वाले गैर सरकारी संगठन ने दायर की है।

Congress advt 2

याचिकाकर्ता ने दलील दी है कि मवेशी निषेध संरक्षण अधिनियम के तहत मांस की खपत पर प्रतिबंध याचिकाकर्ताओं और अन्य व्यक्तियों के मौलिक अधिकारों व उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन है।

Also Read:  Arvind Kejriwal seeks withdrawal of security; writes to EC

याची ने तर्क रखा कि अपनी पसंद का खाना, सही जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार का एक अभिन्न हिस्सा है। इस अधिनियम में उनके अधिकारों का हनन है कि उन्हें क्या खाना चाहिए।

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार और पुलिस से एक जनहित याचिका पर जवाब मांगा है जिसमें दिल्ली मवेशी संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों को रद्द करने की मांग की गई है। दिल्ली मवेशी संरक्षण अधिनियम के अनुसार दिल्ली में गोमांस रखना और खाना अपराध है। मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी और न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा की खंडपीठ ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार से इस मामले में आठ दिसंबर तक जवाब दाखिल करने को कहा है। याचिका चार मई को दायर की गई थी

Also Read:  AAP's Jan Lokpal should be compared with Modi's Lokpal in Gujarat: Shanti Bhushan

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here