दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज की रेप के आरोपी दाती महाराज की याचिका, CBI ही करेगी जांच

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दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार (14 नवंबर) को रेप के आरोपी स्वयंभू प्रवचनकर्ता दाती महाराज की याचिका को खारिज कर दिया। इस याचिका में अदालत के उस फैसले की समीक्षा की मांग की गई थी, जिसमें उसके खिलाफ दर्ज बलात्कार मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने को कहा गया था।

दाती महाराज
file photo

मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन एवं न्यायमूर्ति वी के राव की पीठ ने तीन अक्टूबर के अदालत के फैसले के खिलाफ दाखिल दाती महाराज की पुनर्विचार याचिका पर यह फैसला सुनाया। अदालत ने तीन अक्टूबर को एक महिला के आवेदन पर मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। बता दें कि महिला ने दाती महाराज पर बलात्कार का आरोप लगाया था। हाई कोर्ट ने कहा था कि जिस तरह से पुलिस ने जांच की वह “जांच पर संदेह पैदा करता है।”

दाती मदन लाल उर्फ दाती महाराज के खिलाफ सात जून को एक महिला द्वारा यौन शोषण की शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस मामले में 11 जून को एफआईआर दर्ज हुई थी। पुलिस ने 22 जून को आरोपी से पूछताछ की थी। दाती महाराज की एक शिष्या ने उन पर आरोप लगाया है कि उन्होंने दिल्ली और राजस्थान में अपने आश्रमों में उसके साथ बलात्कार किया है। वहीं, आरोपी ने इन आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया है कि इसमें उसे फंसाया गया है।

दक्षिण दिल्ली के फतेहपुर बेरी थाने में दाती महाराज और उनके तीन भाइयों और एक महिला के खिलाफ यह शिकायत दर्ज कराई गई थी। बाद में इसकी जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई थी। हाईकोर्ट ने पुलिस की जांच पर असंतोष व्यक्त करते हुए इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया था। दूसरी ओर, पुलिस ने दावा किया था कि महिला के बयान में विसंगतियां और विरोधाभास होने की वजह से ही दाती महाराज को गिरफ्तार नहीं किया गया।

पुलिस का कहना था कि शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी ने एक अन्य महिला का भी यौन शोषण किया था, लेकिन पूछताछ के दौरान उसने इससे इनकार किया था। इससे पहले, एक निचली अदालत ने भी इस मामले की जांच के तरीके पर कड़ा असंतोष व्यक्त किया था। अदालत ने कहा था कि जांच अधिकारी इस बात का जवाब नहीं दे सके कि उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए क्या प्रयास किए थे कि जांच के दौरान आरोपी फरार नहीं हो सके।

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