दिल्ली महिला आयोग ने स्कूल से लापता 6 साल के बच्चे को उसके परिवार से मिलवाने में की मदद, स्वाति मालीवाल ने जताई खुशी

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दिल्ली महिला आयोग ने एक 6 साल के गुमशुदा बच्चे को उसके परिवार से मिलवाने में मदद की है। 6 वर्षीय राजू (बदला हुआ नाम) अपने परिवार के साथ मंडावली में रहता है। वह अपनी बहन के साथ शकरपुर में निगम के स्कूल में पढ़ता है। 9 अगस्त के दिन वह स्कूल पहुंचने में थोड़ा लेट हो गया था। उसकी बहन को तो प्रवेश मिल गया मगर उसको लेट पहुंचने की वजह से स्कूल में नहीं घुसने दिया गया।

स्वाति मालीवाल
फाइल फोटो: स्वाति मालीवाल

महिला आयोग के मुताबिक राजू की बहन उसको स्कूल के गेट पर छोड़ कर अपनी कक्षा में चली गई। लेकिन स्कूल ख़त्म होने के बाद जब वह घर पहुंची तो राजू उसके साथ नहीं था। उसने घर आकर सारी बात अपने माता पिता को बताई। राजू के परिवार ने आसपास उसको ढूंढने की काफी कोशिश की मगर सफलता नहीं मिली।

राजू के माता पिता ने तब शकरपुर स्थित दिल्ली महिला आयोग के जनपहल एनजीओ द्वारा संचालित महिला पंचायत के केंद्र पर संपर्क किया। दिल्ली महिला आयोग की कोऑर्डिनेटर उसके माता पिता के साथ थाने गयी और थाने में बच्चे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाने में उनकी मदद की। गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने बच्चे को ढूंढने की कोशिश की मगर वह नहीं मिला।

महिला पंचायत ने आसपास की महिलाओं को एकत्रित किया और थाने के सामने प्रदर्शन किया। पुलिस ने बच्ची की फोटो आसपास के रेलवे स्टेशन और दूसरे विभागों में भिजवाई| राजू के माता पिता ने भी उसकी तलाश में दिल्ली के कई शेल्टर होम के चक्कर लगाए और अभी जगह बच्चे की तस्वीर बांटी।

15 अगस्त को बटरफ्लाई आश्रय घर से एक फ़ोन आया और यह बताया गया कि राजू वहां रह रहा है। वहां पहुंचने पर यह पता चला कि घटना वाले दिन राजू एक लोकल ट्रेन पर चढ़ गया था और निजामुद्दीन स्टेशन पर उतर गया था।निजामुद्दीन स्टेशन पर किसी ने राजू को भटकते हुए देखा तो चाइल्डलाइन हेल्पलाइन को फ़ोन कर दिया। उन्होंने राजू को बटरफ्लाई आश्रय घर में रखवा दिया और जब उन्होंने राजू की फोटो देखी तो उसके माता पिता को फ़ोन कर दिया।

राजू को फिर बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया जिसने बच्चे को उसके माता-पिता के साथ भेज दिया। राजू के माता पिता ने दिल्ली महिला आयोग की महिला पंचायत के कर्मचारियों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। इस मामले में लापरवाही के लिए दिल्ली महिला आयोग स्कूल को नोटिस भेजेगा|

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “हर महीने सैकड़ों बच्चे गायब होते है। उनमे से कई बच्चो को ढूंढकर आश्रय घरों में रखा जाता है, मगर कई विभागों के बीच ठीक से तालमेल न होने की वजह से बच्चे पुलिस रिकॉर्ड में गुमशुदा ही रह जाते हैं। अभी पुलिस रिकॉर्ड और आश्रय घरों के डिजिटलीकरण और उनको आपस में जोड़ने की बहुत जरूरत है। आयोग ने सरकार से आश्रय घरों के डिजिटलीकरण करने और और उसको युद्द्स्तर पर लागू करने के लिए सिफारिश की है। हम स्कूल को उनके गैर जिम्मेदाराना व्यवहार के लिए नोटिस जारी करेंगे।”

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