दलितों ने की गोरक्षकों से सुरक्षा की मांग

0
>

राजधानी लखनउ में ‘गोरक्षकों’ द्वारा मृत गायों का चमडा निकालकर जीवनयापन करने दलित समुदाय के कुछ लोगों की गोकशी की आशंका में पिटाई कर दिये जाने के बाद इस वर्ग ने सुरक्षा की मांग की हैं।

पीटीआई भाषा की एक खबर के अनुसार, राजधानी में इंदिरानगर इलाके के तकरोही क्षेत्र में 28 जुलाई को कथित गोरक्षकांे ने मरी गायों का चमडा निकालने वाले समुदाय के कुछ लोगों की पिटाई कर दी थी, जिसके बाद इस समुदाय के लोगों ने इस काम के ठेकेदारों से इस प्रकरण को नगर निगम एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के संज्ञान में लाने का आग्रह किया है और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था नहीं हो जाने तक काम बंद कर दिया है।

Also Read:  Dalit found murdered in Uttar Pradesh

अपर नगर आयुक्त अवनीश सक्सेना ने ‘भाषा’ को आज बताया ‘‘सारा मामला हमारे संज्ञान में है और हमने इस संबंध में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज करायी है।’’ सक्सेना ने कहा कि लखनउ नगर निगम ने पुलिस और जिला प्रशासन से मरी गायों का चमडा निकालने के पेशे में लगे लोगों को सुरक्षा प्रदान करने का आग्रह किया है, ताकि मवेशियों के शवों के निस्तारण का काम बाधित न होने पाये।

Also Read:  संतों ने महापंचायत में किया एलान, अक्षय कुमार की फिल्म के डायरेक्टर की जुबान काटकर लाने वाले को 1 करोड़ का इनाम

उन्होंने यह भी कहा कि तात्कालिक कदम के रूप में इस काम में लगे लोगों को पहचान पत्र जारी किये जाने का निर्णय किया गया है, ताकि उनके उपर गोकशी का शक की गुंजाइश न रहे।

इस समुदाय का कहना है कि जब तक उन्हें पहचान पत्र नहीं मिल जाता, वे मरी हुई गायों को हाथ तक नहीं लगायेंगे क्योंकि चमडा निकालने के बाद जब वे शव को निस्तारण के लिए ले जाते हैं और अक्सर उन पर गोकशी की शंका जतायी जाती है।

Also Read:  Uproar in Rajasthan Assembly over Hingonia cow deaths

शहर में जब कोई मवेशी मर जाता है तो नगर निगम उनका चमडा निकालने और शवों के निस्तारण के काम में लगे लोगों को बुलाता है। मगर विगत छह महीनों में कुछ ऐसी घटनाएं हुई हैं जब इन शवों को ले जाते समय गोकशी की आशंका में इन पर हमले हुए हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here