जानता का रिपोर्टर को मिला सबूत, ‘चिकनगुनिया’ से मरा अखलाक हत्याकांड का आरोपी रवि

0

दादरी के बिसाहड़ा गांव में तनाव लगातार जारी है। ग्रामीणों ने अखलाक हत्याकांड के आरोपी रवि का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया है। रवि की बुधवार दिल्ली के लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल में चिकनगुनिया मौत हो गई थी। जिसका सबूत जनता का रिर्पोटर के पास मौजूद है।

गुरूवार को ही गांल के एक शख्स ने आरोपी की लाश को तिरंगे में लपेट एक धर्म विशेष को धमकी दे डाली जिसपर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। हम केसे देश में जी रहे हैं जहां शहीदों की शहादत के लिए तिरंगे का इस्तेमाल करते हैं वहीं आरोपी रवि के मरने के बाद बिसाहड़ा गांव के लोग उसे तिरंगे में लपेट कर तिरंगे का अपमान किया। पर ये फासीवादी सरकार इनके खिलाफ कार्रलवाई करने के बजाए खा़मोश बैठी हुई है।

Also Read:  "AAP ministers wasting public money, 10 foreign trips in 18 months"

आपको बता दें कि रवि  के परिजनों का आरोप था कि आरोपी रवि बीमारी की वजह से नहीं बल्कि जेलर और जेल में बंद अन्‍य कैदियों की पिटाई मरा है। उसकी हत्या की गई है। लेकिन इस मामले में एक नया मोड़ आया है जिसने परिजनों के तमाम आरोपों को गलत साबित कर दिया है।

जनता का रिर्पोटर को रवि का एडीजे कोर्ट में इलाज के लिए दायर किया हुआ वो प्रार्थना पत्र मिला हैं जिसमें चिकनगुनिया होने की बात स्पष्ट रुप से कही गई है। प्रार्थना पत्र में लिखा है कि प्रार्थी चिकनगुनिया से पीड़ित है, उचित इलाज के लिए प्रार्थी को नोएडा के जिला अस्पताल में स्थानतरित किया जाए।

Also Read:  दिल्ली: प्राईवेट हॉस्पिटल की लापरवाही से 8 साल के बच्चे की डेंगू से मौत, 3 लाख 74 हज़ार का थमाया बिल

इस प्रार्थना पत्र को देख कर आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि अखलाक हत्याकांड के आरोपी रवि की मौत पर कुछ लोग सियासी खेल खेलने में लगे हुए हैं। और मौके की तलाश में हैं कि किस तरह इस मुद्दे को बड़ा बनाकर सांप्रदायिक रंग  दिया जाए। रॉबिन की मृत्यु के बाद लोगों ने उसके शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया है। आरोपी का शव तिरंगे में लपेट कर और आरोपी को शहीद का दर्जा दिलाने की मांग साफ दर्शा रही हैं की कौन इस मौत को मुद्दा बनाना चाहता है।

Also Read:  Jounalist flashes Kejriwal's ministers' phone numbers on TV, Kapil Mishra returns 'love' on Twitter

14585666_1209905349068573_51313159_o-1

गौरतलब है कि शुक्रवार को रॉबिन के शव को तिरंगे में लपेट दिया और कहा कि वह ‘हिंदू मूल्यों’ की रक्षा करते हुए शहीद हो गया।  ग्रामीणों ने रॉबिनकी मृत्यु रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि उसकी हत्या की गई है। तिरंगे में लपेटे शव को देखकर पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों भी मौन रहे।

भाजपा नेता और अखलाक मामले के आरोपी के पिता संजय राणा ने कहा कि ग्रामीणों ने मृतक के परिवार के लिए एक करोड़ रूपए की मांग की। ग्रामीणों ने प्रशासन से कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here