बंगाली भावनाओं को आहत करने का आरोप लगने के बाद डाबर ने विश्व कप का विवादास्पद विज्ञापन वापस लिया

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भारत की सबसे प्रतिष्ठित फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स कंपनियों (FMCG) कंपनियों में से एक डाबर इंडिया ने मंगलवार को एजबेस्टन में भारत-बांग्लादेश मैच से पहले जारी अपना विश्व कप विज्ञापन वापस ले लिया है।

डाबर

कंपनी बांग्लादेश की क्रिकेट टीम में पॉटशॉट लेने के लिए अपनी संस्कृति का मजाक उड़ाने के लिए बंगाली समूहों के निशाने पर आ गई थी। भारी विरोध के बाद कंपनी ने अपना यह विज्ञापन जारी नहीं किया। अपने विज्ञापन में डाबर ने अभिनेता मनोज पाहवा को भारतीय क्रिकेट टीम की आधिकारिक नीली जर्सी में दिखाया है। पाहवा को टिलर नाडू (गुड़ का उपयोग करके बनाई गई तिल के लड्डू) खाते हुए दिखाया गया है साथ ही इस वीडियो वो बांग्लादेशी टीम को चबाने की बात भी करते हुए दिख रहें है।

विज्ञापन पर आपत्ति जताते हुए तृणमूल कार्यकर्त्ता और गार्गा चटर्जी ने ट्विटर पर मोहित बर्मन और अमित बर्मन (डाबर इंडिया के दोनों निर्देशकों) को टैग किया। जिसमें उन्होंने बंगालियों के प्रति नस्लवादी होने का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा, “अरे मोहित बर्मन और अमित बर्मन क्या आपको शर्म नहीं है कि आपका सह डाबर नंगा एंटीबेंगली नस्लवादी विज्ञापन कर रहा है? बंगाल और बंगालियों ने उन परिवार को तब शरण दी जब आप लोग कुलीन थे। आपके शुरुआती उत्पादों को बंगाल से कॉपी किया गया था। अब आप हिंदू बंगाली रीति-रिवाजों, बंगाली लैंग और रवींद्रनाथ का दुरुपयोग करते हैं?”

सोशल मीडिया पर कई और यूजर्स ने भी इसी तरह की कठोर प्रतिक्रियाएं दी। इसी बीच, फ़िल्म निर्देशक श्रीजीत मुखर्जी ने एक फेसबुक पोस्ट लिखकर इस विज्ञापन आपत्ति जताई। व्यापक निंदा का सामना करने के बाद डाबर इंडिया ने विज्ञापन को अपने डिजिटल जगह से नीचे हटाने का फैसला किया।

समाचार वेबसाइट Scroll.in की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ने एक ईमेल में कहा कि, विज्ञापन को वापस ले लिया गया है और अगर हमारे इस विज्ञापन से किसी की सांस्कृतिक भावनाओं को ठेस पहुंची है तो हम इसके लिए ईमानदारी से माफी मांगते हैं।

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