CVC ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा के खिलाफ जांच रिपोर्ट, शुक्रवार को होगी अगली सुनवाई

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केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने सीबीआई निदेशक आलोक कुमार वर्मा के खिलाफ उनके उप व विशेष निदेशक राकेश अस्थाना द्वारा लगाए गए आरोपों की प्रारंभिक जांच की रिपोर्ट सोमवार (12 नवंबर) को सुप्रीम कोर्ट में जमा कर दी। सीवीसी ने वर्मा के खिलाफ अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में न्यायालय में दाखिल की। मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार यानी 16 नवंबर को होगी।

CBI Director

सुनवाई के दौरान सीबीआई के अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव ने भी एजेंसी प्रमुख के तौर पर 23 अक्टूबर के बाद से अब तक किए गए अपने फैसलों के बारे में रिपोर्ट दाखिल की। सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायालय को बताया कि शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश ए के पटनायक ने सीवीसी जांच की निगरानी की, जो 10 नवंबर को पूरी हुई।

सीजेआई ने कहा कि रजिस्ट्री रविवार को भी खुली हुई थी, लेकिन रिपोर्ट दाखिल करने के संबंध में रजिस्ट्रार को कोई सूचना नहीं दी गई। बाद में सॉलिसीटर जनरल ने माफी मांगी और कहा कि यद्यपि वह परिस्थितियों के बारे में स्पष्टीकरण नहीं दे रहे हैं, लेकिन रिपोर्ट सौंपने में उनकी तरफ से विलंब हुआ।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने सीवीसी को निर्देश दिया था कि वह सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा के खिलाफ लगे आरोपों की अपनी प्रारंभिक जांच दो हफ्ते के भीतर पूरी करे। केंद्र सरकार ने वर्मा से सारे अधिकार वापस ले कर उन्हें छुट्टी पर भेज दिया है।

वर्मा और अस्थाना ने एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे, जिसके बाद विवाद काफी गहरा गया था। बाद में केंद्र ने दोनों अधिकारियों को जबरन छुट्टी पर भेजा दिया और दोनों से उनके सारे अधिकार वापस ले लिए थे। केंद्र के इन्हीं फैसलों को वर्मा ने शीर्ष अदालत में चुनौती दी है।

पिछली सुनवाई में प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने वर्मा की अर्जी पर सुनवाई की। सोमवार को यह मामला प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की दो सदस्यीय पीठ के समक्ष सूचीबद्ध थी, जिस पर सुनवाई हुई।

दो सदस्यीय पीठ से इस मामले की सुनवाई कराने का फैसला तब किया गया जब प्रधान न्यायाधीश ने हाल में पत्रकारों से अपनी अनौपचारिक वार्ता में कहा कि सोमवार और शुक्रवार को सिर्फ दो सदस्यों वाली पीठें बैठेंगी। न्यायालय ने शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश ए के पटनायक को वर्मा के खिलाफ सीवीसी जांच की निगरानी का जिम्मा सौंपा था।

बीते 26 अक्टूबर को वर्मा की अर्जी पर हुई सुनवाई में शीर्ष अदालत ने केंद्र और सीवीसी को नोटिस जारी किया था और सीवीसी को जांच पूरी करने के लिए दो हफ्ते का वक्त दिया था।

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