सुनंदा पुष्कर मौत मामला: थरूर को आरोपी के तौर पर तलब किया जाए या नहीं, 5 जून को आदेश सुनाएगी अदालत

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दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार (28 मई) को कहा कि सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में उनके पति और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर को आरोपी के तौर पर तलब करने के सवाल पर अगले महीने पांच जून को अपना आदेश सुनाएगी। अभियोजन पक्ष के वकील ने कहा कि थरूर को तलब करने के लिए उसके पास पर्याप्त सबूत हैं। इसके बाद अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट समर विशाल ने कहा कि वह बाद में आदेश सुनाएंगे।

फाइल फोटो

बता दें कि दिल्ली पुलिस ने 14 मई को तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सदस्य व पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर पर सुनंदा को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था। दिल्ली पुलिस ने अदालत से कहा कि थरूर को साढ़े चार साल पुराने मामले में आरोपी के तौर पर तलब किया जाना चाहिए। उसने दावा किया कि उसके पास पर्याप्त सबूत हैं। दिल्ली पुलिस ने तकरीबन 3,000 पन्नों के आरोप पत्र में थरूर को एकमात्र आरोपी के तौर पर नामजद किया है।

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक पुलिस ने आरोप लगाया था कि उन्होंने अपनी पत्नी के साथ क्रूरता की। थरूर के घरेलू नौकर नारायण सिंह को मामले में एक महत्वपूर्ण गवाह बनाया गया है। सुनंदा पुष्कर की रहस्यमय मौत के मामले में दिल्ली पुलिस ने थरूर को पत्नी को प्रताड़ित करने तथा खुदकुशी के लिए उकसाने का आरोपी बनाया है। पुलिस ने 14 मई को मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट धमेंद्र सिंह के समक्ष आरोप पत्र दायर किया था।

इसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 498 ए (पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा महिला को प्रताड़ित करना) और 306 के (खुदकुशी के लिए उकसाना) के तहत आरोप शामिल हैं। सुनंदा 17 जनवरी, 2014 को राष्ट्रीय राजधानी के एक होटल में मृत पाई गई थीं। कांग्रेस नेता पर आईपीसी की धारा 498 ए (क्रूरता) और 306 (आत्महत्या के लिए उकसाने) के आरोप लगाए गए हैं।

धारा 498 ए के तहत अधिकतम तीन साल के कारावास की सजा का प्रावधान है जबकि धारा 306 के तहत अधिकतम 10 साल की जेल हो सकती है। दिल्ली पुलिस ने एक जनवरी 2015 को आईपीसी की धारा 302 के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। थरूर को इस मामले में अबतक गिरफ्तार नहीं किया गया है।

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