भारत में कोरोना वायरस का कहर जारी, संक्रमण के मामलों की संख्या 85 लाख से अधिक हुई; मरने वालों की संख्या 1,26,121पहुंची

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भारत में घातक कोरोना वायरस (कोविड-19) का कहर थमने का नाम ही नहीं ले रहा है, रोजाना हजारों मामले सामने आ रहे हैं। कोरोना से संक्रमित पाए गए लोगों की कुल संख्या 85 लाख से अधिक हो गई है। इनमें से ठीक हो चुके लोगों की तादाद बढ़कर 78,68,968 होने के साथ ही संक्रमण से उबरने की राष्ट्रीय दर 92.49 पर पहुंच गई है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों में रविवार को यह जानकारी दी गई।

कोरोना वायरस
File Photo

सुबह आठ बजे जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार एक दिन में संक्रमण के 45,674 मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या 85,07,754 हो गई है। इसके अलावा 559 और रोगियों की मौत के साथ ही मृतकों की तादाद बढ़कर 1,26,121 हो गई है। भारत में कोविड-19 से मृत्यु दर 1.48 प्रतिशत है। मंत्रालय के अनुसार उपचाराधीन रोगियों की संख्या लगातार 10वें दिन छह लाख से कम रही। आंकड़ों में कहा गया है कि देश में फिलहाल उपचाराधीन रोगियों की संख्या 5,12,665 है जो संक्रमित पाए गए लोगों की कुल संख्या का 6.03 प्रतिशत है।

मंत्रालय के अनुसार, भारत में सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख, पांच सितंबर को 40 लाख, 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख और 29 अक्टूबर को 80 लाख से अधिक हो गई थी। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार देश में सात नवंबर तक कुल 11,77,36,791 नमूनों की जांच की जा चुकी है। इनमें शनिवार को किए गए 11,94,487 परीक्षण भी शामिल हैं।

आंकड़ों के अनुसार, देश में एक दिन में 559 और लोगों की मौत हुई, जिनमें से महाराष्ट्र में 150, दिल्ली में 79, पश्चिम बंगाल में 58, केरल में 28, उत्तर प्रदेश तथा तमिलनाडु में 25-25 और छत्तीगढ़ तथा कर्नाटक में 22-22 रोगियों की जान चली गई है।

मंत्रालय ने बताया कि देशभर में अब तक कुल 1,26,121 रोगियों की मौत हो चुकी है, जिनमें से महाराष्ट्र में 45,115, कर्नाटक में 11,369, तमिलनाडु में 11,324, पश्चिम बंगाल में 7,235, उत्तर प्रदेश में 7,180, दिल्ली में 6,912, आंध्र प्रदेश में 6,779, पंजाब में 4,310 और गुजरात में 3,753 लोगों की मौत हुई है।

मंत्रालय ने कहा है कि 70 प्रतिशत से अधिक रोगियों की मौत कोरोना वायरस (कोविड-19) के साथ-साथ अन्य रोगों से जूझने के चलते हुई। मंत्रालय की वेबसाइट पर कहा गया है, ”इन आंकड़ों का आईसीएमआर के आंकड़ों से मिलान किया जा रहा है।” (इंपुट: भाषा के साथ)

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