दिल्ली: यूपी भवन के बाहर से गुजर रहे इस बुजुर्ग मुस्लिम शख्स को पुलिस ने ‘हिरासत’ में लिया, बाद में छोड़ा

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नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों के देखते हुए पुलिस ने दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हुए है। इस दौरान कई जगहों पर धारा 144 लागू कि गई है। इस बीच, दिल्ली स्थित उत्तर प्रदेश भवन के बाहर प्रदर्शन के दौरान शुक्रवार को कई लोगों को हिरासत में लिया गया। ये लोग नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शनों के दौरान राज्य में कथित पुलिस ज्यादतियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।

दिल्ली
फोटो: @UdaySRana

जानकारी के मुताबिक, जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है, उनमें से कई राहगीर थे, जो सिर्फ विरोध प्रदर्शन के वक्त उत्तर प्रदेश भवन के पास से गुजर रहे थे, लेकिन पुलिस ने शक के आधार पर उन्हें भी हिरासत में ले लिया। पुलिस प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंची, जहां कुछ देर रखने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। इस बीच, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

वीडियो में दिख रहा है कि, कुछ पुलिसवाले एक बुजुर्ग मुस्लिम शख्स को जिप्सी (पुलिस की गीड़ी) में बैठाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं, पहले से जिप्सी में बैठी एक महिला पुलिसवालों से कहती सुनाई दे रही है कि, ‘क्यों लेकर जा रहें है आप चाचा को, छोड़ दीजिए आप उनको, वो उतने बुजुर्ग है, आप छोड़ दीजिए चाचा को।’ इस पर पुलिस कहती सुनाई दे रही- ‘उन्हें चाय पिलाने ले जा रहे हैं’।

यूपी वेस्ट यूथ कांग्रेस ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “मानवीयता को शर्मसार करती दिल्ली पुलिस, यूपी भवन के बाहर से गुजर रहे एक बुजुर्ग को उसके हुलिए के आधार पर पुलिस ने हिरासत में लिया, गिरफ्तार छात्रा के सबाल करने पर दिल्ली पुलिस के जवान ने कहा हम इन्हें चाय पिलाने थाने ले जा रहे है। अघौषित आपातकाल लागू?”

वहीं, एक पत्रकार ने इसी बुजुर्ग शख्स की फोटो को शेयर करते हुए ट्विटर पर लिखा, ‘यूपी भवन के आगे पुलिस ने इस शख्स को हिरासत में लेने की कोशिश की। जब पुलिस से पूछा गया कि धारा 144 का उल्लंघन नहीं करने वाले इस अकेले व्यक्ति को हिरासत में क्यों लिया गया। तो उन्होंने मुझसे कहा- “सवाल मत करो”।

पत्रकार ने अपने ट्वीट में आगे लिखा, व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। बार-बार प्रश्न पूछे जाने के बाद भी पुलिस वाले ने किसी भी सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया। वहीं, पत्रकार ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, बाद में वह शख्स मुझे मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन के पास मिला, जिसे बाद में छोड़ दिया गया।

बता दें कि, दिल्ली स्थित उत्तर प्रदेश भवन के आसपास के इलाकों में भी धारा 144 लागू थी। इसके बावजूद शुक्रवार (27 दिसंबर) को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जामिया कॉर्डिनेशन कमेटी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश भवन विरोध प्रदर्शन के लिए पहुंचे थे। सोशल मीडिया पर कुछ लोग पुलिस पर आरोप लग रहा है वह सिर्फ विशेष समुदाय के लोगों दबोच रही है।

गौरतलब है कि, संशोधित नागरिकता कानून बनने के कई दिनों बाद भी देश में प्रदर्शन रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। विरोध दल और कुछ सामाजिक संगठन मोदी सरकार से इस कानून को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

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