संदीप दीक्षित और अन्य नेता ज्ञान देने की बजाय अपने क्षेत्रों पर ध्यान दें: कांग्रेस

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कांग्रेस ने पार्टी का नया अध्यक्ष नियुक्त करने में विलंब को लेकर वरिष्ठ नेताओं पर पूर्व सांसद संदीप दीक्षित के एक बयान को लेकर गुरुवार (20 फरवरी) को उन्हें नसीहत दी कि वह और बयानबाजी करने वाले अन्य नेता ज्ञान देने की बजाय अपने क्षेत्र में ध्यान दें और इस बारे में सोचें कि वे चुनावों क्यों हारे। हालांकि, पार्टी के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने दीक्षित के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव कराया जाना चाहिए ताकि पार्टी कैडर में ऊर्जा का नया संचार हो सके।

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संदीप दीक्षित के बयान के बारे में पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ मैंने संदीप दीक्षित जी का बयान नहीं देखा है, लेकिन मैं उनके समेत सभी नेताओं से कहता हूं कि पहले वो यह देखें कि जब चुनाव लड़े तो कितना वोट आए और चुनाव क्यों हारे? इसमें मैं भी हूं। संदीप जी अगर ये सारी मेहनत अपने संसदीय क्षेत्र में लगा दें तो कांग्रेस जीत जाए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं इन नेताओं से कहना चाहता हूं कि पूरे देश को ज्ञान देने की बजाय अपने अपने क्षेत्र में अपने काम से फायदा उठाएं।’’

शशि थरूर ने संदीप दीक्षित के बयान का किया था समर्थन

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और केरल की तिरुअनंतपुरम सीट से सांसद शशि थरूर ने पार्टी का नया अध्यक्ष नियुक्त करने में विलंब को लेकर वरिष्ठ नेताओं पर पूर्व सांसद संदीप दीक्षित के बयान का समर्थन करते हुए कहा है कि कांग्रेस नेतृत्व का चुनाव कराया जाना चाहिए ताकि पार्टी कैडर में ऊर्जा का नया संचार हो सके।

शशि थरूर ने गुरुवार (20 फरवरी) को ट्वीट कर कहा था कि, ‘‘संदीप दीक्षित ने जो कहा है वह देश भर में पार्टी के दर्जनों नेता निजी तौर पर कह रहे हैं। इनमें से कई नेता पार्टी में जिम्मेदार पदों पर बैठे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं सीडब्ल्यूसी से फिर आग्रह करता हूं कि कार्यकर्ताओं में ऊर्जा का संचार करने और मतदाताओं को प्रेरित करने के लिए अध्यक्ष का चुनाव कराएं।’’

क्या कहां था संदीप दीक्षित ने?

दरअसल, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के पुत्र संदीप दीक्षित ने एक अखबार को दिए साक्षात्कार में कहा है कि इतने महीनों के बाद भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नया अध्यक्ष नहीं नियुक्त कर सके। इसका कारण यह है कि वह सब यह सोच कर डरते हैं कि बिल्ली के गले में घंटी कौन बांधे।

पूर्व सांसद दीक्षित ने कहा कि कांग्रेस के पास नेताओं की कमी नहीं है। अब भी कांग्रेस में कम से कम 6- 8 नेता हैं जो अध्यक्ष बन कर पार्टी का नेतृत्व कर सकते हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कभी-कभार आप निष्क्रियता चाहते हैं, क्योंकि आप नहीं चाहते हैं कि कुछ हो।

2019 के लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष पद से दिया था इस्तीफा 

बता दें कि, 2019 के लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था और उसके बाद सोनिया गांधी को पार्टी का अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया। हाल ही में दिल्ली में कांग्रेस एक बार फिर खाता नहीं खोल सकी। दिल्ली की 70 सीटों में से आम आदमी पार्टी ने 62 पर अपना कब्जा जमाया है। जबकि भाजपा को महज 8 सीटों पर संतोष करना पड़ा। वहीं, कांग्रेस एक बार फिर शून्य पर आउट हो गई। कांग्रेस का कोई उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत सका। इसके साथ ही कांग्रेस को मिलने वाले वोटों के प्रतिशत में भी भारी कमी दर्ज की गई है। (इंपुट: भाषा के साथ)

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