राहुल गांधी बोले- ‘प्रधानमंत्री मोदी को राफेल डील में पकड़े जाने का डर था, इसलिए रात 2 बजे हटाए गए CBI डायरेक्टर’

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इस समय देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) खुद सवालों के घेरे में आ गई है। सीबीआई के दो सीनियर अधिकारी एक दूसरे के ऊपर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। सीबीआई में आतंरिक कलह के मद्देनजर मोदी सरकार ने अभूतपूर्व कदम उठाते हुए सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया है। वहीं संयुक्त निदेशक एम नागेश्वर राव को तत्काल प्रभाव से अंतरिम निदेशक नियुक्त कर दिया है। ओडिशा कैडर के 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी राव ने मंगलवार रात ही पदभार संभाल लिया।

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सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को पद से हटाए जाने को लेकर विपक्षी दलों ने बुधवार को सरकार पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह फैसला “राफेल फोबिया” के कारण लिया गया क्योंकि वह (आलोक वर्मा) राफेल विमान सौदे से जुड़े कागजात एकत्र कर रहे थे। कांग्रेस ने सीबीआई के निदेशक को छुट्टी पर भेजे जाने को एजेंसी की स्वतंत्रता खत्म करने की अंतिम कवायद बताया है। उधर, केन्द्र सरकार ने इस कार्रवाई का बचाव करते हुये इसे ‘अपरिहार्य’ बताया। सरकार ने दलील दी है कि सीबीआई के संस्थागत स्वरूप को बरकरार रखने के लिये यह कार्रवाई जरूरी थी।

राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फेंस

सीबीआई में जारी घमासान पर राहुल गांधी गुरुवार (25 अक्टूबर) को एक बार फिर प्रेस कॉन्फेंस कर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजे जाने को सीधे-सीधे राफेल सौदे में कथित भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रधानमंत्री मोदी पर राफेल डील में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े अहम सबूतों को नष्ट करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सीबीआई डायरेक्टर को रात 2 बजे हटाया गया, जिसकी मुख्य वजह राफेल डील में ‘भ्रष्टाचार’ है।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री मोदी ने घबराकर और डरकर सीबीआई डायरेक्टर को रात 2 बजे हटाने का फैसला लिया। उन्होंने आरोप लगाया है कि पीएम मोदी को डर है कि उन्होंने भ्रष्टाचार किया है और अब वो पकड़े जा रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि सीबीआई डायरेक्टर को हटाना कानूनन गलत है। उन्होंने कहा कि सीबीआई डायरेक्टर को हटाने या नियुक्त करने का काम तीन लोगों की कमेटी करती है, प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और मुख्य न्यायाधीश। ये उन्हें नियुक्त करने वाली कमेटी के अन्य सदस्यों को अपमान है। पीएम मोदी ने संविधान का अपमान किया है। राहुल गांधी ने पूछा सीबीआई डायरेक्टर को प्रधानमंत्री ने रात के दो बजे क्यों हटाया। सवाल उठता है कि रात के दो बजे ही क्यों किया?

उन्होंने कहा कि इसकी मुख्य वजह है कि सीबीआई डायरेक्टर राफेल डील मामले पर जांच शुरू करने जा रहे थे और अगर सीबीआई जांच होती तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाता। राहुल ने आरोप लगाया कि सीबीआई डायरेक्टर के कमरे को सील किया गया जो महत्वपूर्ण कागजात उनके पास थे, उन्हें कब्जे में लिया गया। ये सिर्फ अधिकारियों को हटाने की बात नहीं है, बल्कि सबूतों को नष्ट किया जा रहा है।

देखिए, राहुल गांधी के आरोपों की मुख्य बातें:- 

  • प्रधानमंत्री सिर्फ सीबीआई डायरेक्टर को हटा नहीं रहे हैं, बल्कि सबूतों को मिटाने का काम भी कर रहे हैं। ये देश प्रधानमंत्री को उनके भ्रष्टाचार को भूलने नहीं देगा: राहुल गांधी
  • अगर CBI जांच शुरु हो जाती तो दूध का दूध, पानी का पानी हो जाता और इससे घबराकर, डरकर प्रधानमंत्री ने सीबीआई डायरेक्टर को हटा दिया: राहुल गांधी
  • राहुल गांधी कहा- नरेंद्र मोदी को पता है कि वो पकड़ा जाएगा, प्रधानमंत्री ने जानबूझकर एक भ्रष्ट अधिकारी को CBI में चार्ज दिया जिससे उससे दबाव में काम कराया जा सके।
  • नरेंद्र मोदी को पता है कि वो पकड़ा जाएगा: राहुल गांधी
  • वित्त मंत्री ने सीवीसी की बात तो की लेकिन अपनी बेटी और मेहुल चौकसी की बात नहीं कीः राहुल गांधी
  • पीएम मोदी को पता है कि जिस दिन राफेल घोटाले की जांच शुरू हो जाएगी उस दिन वो खत्म हो जाएंगे, प्रधानमंत्री ने अनिल अंबानी के जेब में 30 हजार करोड़ रुपये डाल दिए: राहुल गांधी
  • राहुल गांधी ने कहा कि सीबीआई डायरेक्टर को हटाने का अधिकार चीफ जस्टिस, विपक्ष के नेता और प्रधानमंत्री की समिति के पास है
  • CBI डायरेक्टर को प्रधानमंत्री नहीं हटा सकते। राफेल घोटाले की जांच शुरू न हो पाए इसलिए सीबीआई डायरेक्टर को गलत तरीके से हटाया: राहुल गांधी
  • PM मोदी ने 2 बजे रात को CBI डायरेक्टर को इसलिए हटाया, क्योंकि वह राफेल की जांच करने वाले थे।
  • सीबीआई डायरेक्टर को पीएम मोदी ने रात को 2 बजे हटाया।

आपको बता दें कि आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना के बीच पिछले कुछ दिनाें से आरोप-प्रत्यारोंपों का सिलसिला चल रहा था। इस विवाद में उस समय नया मोड आया जब 15 अक्टूबर को सीबीआई ने अपने ही विशेष निदेशक अस्थाना, उप अधीक्षक देवेेन्द्र कुमार तथा कुछ अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली। अस्थाना पर मांस कारोबारी मोइन कुरैशी के मामले के सिलसिले में तीन करोड़ रुपये रिश्वत लेने का आरोप है।

अस्थाना ने प्राथमिकी दर्ज किए जाने के खिलाफ गत मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जहां से उन्हें 29 अक्टूबर को अगली सुनवाई तक किसी तरह की कार्रवाई से राहत मिल गई। वहीं, देवेंद्र कुमार को सीबीआई ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया था। जांच एजेंसी में चल रहे आंतरिक कलह के कारण उस पर उठ रहे सवालों को देखते हुए उसकी साख बरकरार रखने के लिए सरकार ने मंगलवार रात अभूतपूर्व कदम उठाते हुए वर्मा और अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया।

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