VIDEO: कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने ‘उज्ज्वला योजना’ की खोली पोल, वीडियो शेयर कर पीएम मोदी पर साधा निशाना

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कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने शुक्रवार को एक वीडियो शेयर कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सरकार की बहुचर्चित ‘पीएम उज्ज्वला योजना’ की खोली खोलने का दावा किया है। कांग्रेस नेता ने यह वीडियो माइक्रो ब्लागिंग साइट ट्विटर पर शेयर किया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

संजय निरुपम

संजय निरुपम मुंबई के गोरे गांव के आरे कॉलोनी में वीडियो शूट करते हुए उज्ज्वला योजना के भंड़ाफोड़ का दावा कर रहे हैं। वीडियो में संजय निरुपम कह रहें है, ‘यहां बड़े पैमाने पर तमिल समाज के लोग रहते हैं। यहीं पर एक बस्ती में आया हूं जहां, मिट्टी के चूल्हे पर लकड़ी से पानी गरम हो रहा है, खाना बनने वाला है।’ कांग्रेस नेता वीडियो में आगे कहते है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और पूरी भारतीय जनता पार्टी जोर-जोर से प्रचार करती है कि पूरे देश में अब महिलाएं लकड़ी के चूल्हे पर खाना नहीं बनातीं, सबको गैस का सिलेंडर दे दिया गया है। उसका यहां भंडाफोड़ हो रहा है।’

संजय ने आगे पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि, ‘पीएम ऐसी 5 से 7 करोड़ महिलाओं को जिक्र भी करते हैं। आज तक कोई लिस्ट कभी नहीं दिखाई। लेकिन उनका कहना कि लकड़ी के चूल्हे का दौर खत्म हो गया है सबको उज्ज्वला योजना के तहत गैस का सिलेंडर मिल गया है। उसका सबसे बड़ा भंडाफोड़ यहां मुंबई में हो रहा है। जब मुंबई में आज भी हमारी माता या बहनें लकड़ी के चूल्हे पर खाना बना रही हैं। तो हिंदुस्तान के गांव में क्या दशा होगी। आप समझ सकते हैं।’

उन्होंने बीजेपी के लोगों पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘जैस तमाम मामलों में बीजेपी ने झूठ बोला है वैसे ही यहां एक झूठ बेनकाब हो रहा है।’ इस पूरे वीडियो में संजय निरुपम के साथ घर की एक महिला भी खड़ी दिखाई दे रहीं है। अपने ट्विटर हैंडल पर इस वीडियो को पोस्ट करते हुए संजय निरुपम ने लिखा, “मुंबई के आरे कालोनी में प्रधानमंत्री मोदी की बहुप्रचारित उज्जवला योजना, तार-तार हो रही है।” कांग्रेस नेता का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल रहा है। बता दें कि कांग्रेस पार्टी ने संजय निरूपम को मुंबई (उत्तर-पश्चिम) से लोकसभा से टिकट दिया है।

बता दें कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार का दावा है कि ग्रामीण भारतीय इलाकों के करीब एक करोड़ घरों में घरेलू गैस सिलेंडर पहुंचाने की उसकी यह योजना बेहद कामयाब रही है और इसके चलते प्रदूषण फैलाने वाले घरेलू ईंधनों के इस्तेमाल में काफी कमी हुई है। पीएम मोदी अपनी चुनावी रैलियों में अक्सर यह दावा करते रहे हैं कि ग्रामीण इलाकों में महिलाओं के पास गैस सिलेंडर और चूल्हे नहीं होने के कारण उन्हें धुएं में खाना पकाने के लिए मजबूर होना पड़ता था, लेकिन उनकी सरकार ने उज्जवला योजना के जरिए उनकी परेशानियों को समाप्त कर दिया है।

अभी हाल ही में ओडिशा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि उनकी सरकार ने उज्ज्वला योजना के माध्यम से राज्य के 40 लाख घरों में धुएं से मुक्ति दिला कर गैस का चूल्हा देने का काम किया है। पीएम मोदी अक्सर उज्ज्वला योजना का जिक्र करते रहते हैं। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर एक बार निशाना साधते हुए कहा था, “धुंआ क्या होता है, लकड़ी का चूल्हा कैसे जलता है ये नामदार (राहुल गांधी) की चार पीढ़ियों को कभी पता ही नहीं चला। मैने अपनी मां को लकड़ी के चूल्हे पर खाना पकाते देखा है, धुंए से आंखों से पानी कैसे निकलता है ये भी मैने देखा है, इसी से मुझे उज्ज्वला योजना शुरू करने की प्रेरणा मिली।”

जानकारों का कहना है कि मोदी सरकार की इस योजना के चलते रसोई गैस बड़ी संख्या में आम लोगों के घरों तक पहुंची है, लेकिन सरकार द्वारा किए जा रहे दावों पर अक्सर सवाल उठाए जाते रहे हैं। वहीं, इस योजना में सबसे बड़ी मुश्किल है गैस सिलेंडर (एलपीजी) को रीफिल कराना। रीफिल करने की लागत को देखते हुए ग्रामीण इलाकों में लोगों ने सिलेंडर का इस्तेमाल जारी नहीं रखा और परंपरागत ईंधन की ओर वापस लौट गए। मोदी सरकार ने 2016 में खाना पकाने के लिए स्वच्छ ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ाने वाली अपनी महत्वपूर्ण योजना प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना शुरू की थी।

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