देखें वीडियों: पुलिसवाले को गाली देने के बाद नेता जी के साथ किस तरह से पेश आए पुलिसकर्मी ?

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कांग्रेस सचिव और पूर्व सांसद वी. हनुमंत राव पर पुलिस इंस्‍पेक्‍टर पर गालियां देने और सरकारी कामकाज में बाधा उत्पन्न करने का आरोप लगा है। हनुमंत राव पर केस दर्ज होने के बाद वह भड़क गए और विरोध में धरने पर बैठ गए, इस दौरान हनुमंत राव पुलिस को तानाशाह करते रहे और नारे लगाते रहे। पुलिस ने हनुमंत राव को हिरासत में ले लिया है।

पुलिस

दैनिक जागरण की ख़बर के मुताबिक, हनुमंत राव ने एक पुलिस इंस्पेक्टर को कथित तौर पर जातिगत टिप्पणियां और गालियां दी हैं, पुलिस ने हनुमंत राव को हिरासत में ले लिया है। वाकया विधानसभा परिसर में उस समय हुआ जब राव मीडिया प्‍वॉइंट पर पत्रकारों से बात करना चाह रहे थे। बंदोबस्त ड्यूटी पर तैनात इंस्पेक्टर सुधाकर ने राव से कहा था कि सिर्फ एमएलए या एमएलसी को ही यहां मीडिया से बातचीत करने की इजाजत है।

शुक्रवार (24 मार्च) को अफसर ने सोशल मीडिया पर इस घटना के बारे में जानकारी दी। इंस्पेक्टर के सोशल मीडिया पर लिखने के बाद पुलिस ने पूर्व सांसद राव के खिलाफ केस दर्ज किया। राव के खिलाफ आईपीसी की धारा 353 और धारा 506 के तहत केस दर्ज किया गया है। जब पुलिस इंस्पेक्टर सुधाकर ने राव को मीडिया से बात करने से रोका तो उन्होंने अफसर को चेतावनी दी और रूल बुक दिखाने को कहा।

पूर्व सांसद ने कहा, ‘तुम लोगों ने धरना चौक को प्रदर्शनकारियों की पहुंच से बाहर कर दिया है और अब मुझको मीडिया पॉइंट पर जाने से रोका जा रहा है। हम लोकतंत्र में रह रहे हैं या तानाशाही में? मुझे रोकने वाले तुम होते कौन हो? मैं अखिल भारतीय कांग्रेस समिति का सचिव हूं और मैं निश्चित तौर पर रिपोर्टरों से बात करूंगा।’ दूसरी तरफ पुलिस अफसर का कहना है कि वह सिर्फ पूर्व सांसद को नियमों के बारे में सूचना दे रहा था और उन्हें रोक नहीं रहा था। अफसर ने कहा, ‘मैंने हनुमंत राव को सल्यूट भी किया।’

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हनुमंत राव ने मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की तरफ इशारा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने पृथक तेलंगाना आंदोलन के दौरान इसी रैली स्थल का इस्तेमाल किया था। उन्होंने कहा, ‘अब प्रदर्शनकारियों को इसकी इजाजत नहीं है।

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