दिल्ली: चुनाव के नतीजों से पहले बोले कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी- ‘अगर केजरीवाल जीत जाते हैं, तो यह विकास के एजेंडे की जीत होगी’

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दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए मतदान समाप्त होने के बाद से सामने आए ज्यादातर एग्जिट पोल्स मुताबिक, दिल्ली में फिर से आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार बन सकती है। हालांकि, इस बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सीटें बढ़ने का भी अनुमान जताया गया है। जबकि देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस की स्थिति बद से बदतर होने की आशंका जताई गई है। इस बीच, अब चुनाव के नतीजों से पहले कांग्रेस पार्टी की तरफ से बड़ा बयान सामने आया है।

दिल्ली
फाइल फोटो

कांग्रेस पार्टी के दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रभारी पीसी चाको ने एग्जिट पोल्स के नतीजों को खारिज करते हुए कहा है कि असली परिणाम कुछ और आएंगे। चाको ने कहा कि उनकी नजर में एग्जिट पोल रिजल्ट्स सही नहीं हैं। समाचार एजेंसी ANI की ओर से आम आदमी पार्टी को कांग्रेस के समर्थन की संभावना पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए पीसी चाको ने कहा कि, “सब कुछ परिणामों पर निर्भर करता है। एक बार नतीजें आ जाएं, तभी इस पर विचार किया जा सकेगा। मुझे लगता है कि सर्वे सही नही हैं। जो सर्वे अनुमान लगा रहे हैं कांग्रेस उससे अच्छा प्रदर्शन करेगी।”

वहीं, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा कि, ”इस चुनाव को हमने अपनी पूरी ताकत से लड़ा। इस चुनाव में, भाजपा ने सभी सांप्रदायिक एजेंडों को आगे रखा और अरविंद केजरीवाल जी ने विकास एजेंडा को आगे बढ़ाया। अगर केजरीवाल जीत जाते हैं, तो यह विकास के एजेंडे की जीत होगी।”

बता दें कि, दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी और पार्टी अध्यक्ष समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और सांसदों को प्रचार में उतार दिया था। वहीं, आम आदमी पार्टी की तरफ से भी सीएम केजरीवाल समेत तमाम नेता रैली, रोड शो और सभाओं के माध्यम से मतदाताओं को लुभा रहे थे। वहीं, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी व उनकी पार्टी के कोई भी बड़े नेताओं ने दिल्ली चुनाव में ज्यादा सक्रिय नजर नहीं आए। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एक भी रैली नहीं की।

गौरतलब है कि, दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान संपन्न होने के बाद आए तकरीबन सभी एग्जिट पोल से संकेत मिलता है कि सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी भाजपा के संभावित उभार के बावजूद आसानी से जीत हासिल करेगी। हालांकि, इस बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सीटें बढ़ने का भी अनुमान जताया गया है। जबकि देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस की स्थिति बद से बदतर होने की आशंका जताई गई है।

गौरतलब है कि, दिल्ली की सभी 70 विधानसभा सीटों के लिए शनिवार को मतदान हुआ। मतगणना 11 फरवरी को होगी। दिल्ली में मुख्य मुकाबला आम आदमी पार्टी (आप) और केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच है। हालांकि, कांग्रेस की स्थिति भी पिछले चुनाव के मुकाबले मज़बूत लग रही है। आप ने 2015 में शानदार जीत दर्ज कर दिल्ली विधानसभा की 70 में से 67 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि भाजपा को तीन सीटों से ही संतोष करना पड़ा था।

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