कांग्रेस ने पीयूष गोयल पर लगाया 650 करोड़ रुपये के लोन डिफॉल्टर कंपनी से संबंध होने का आरोप, रेल मंत्री को बर्खास्त करने की मांग

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कांग्रेस ने बुधवार (4 मार्च) को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला करते हुए केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस ने पीयूष गोयल को 650 करोड़ रुपये की बकायदार कंपनी के प्रमोटर के साथ कथित संबंध होने को लेकर हमला किया है। कांग्रेस का आरोप है कि 650 करोड़ रुपये के लोन डिफॉल्ट करने वाली कंपनी शिरडी इंडस्ट्रीज के साथ केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से कथित संबंध हैं। विपक्ष ने इस मामले में पीयूष गोयल को बर्खास्त करने की मांग की है।

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद, वीरप्पा मोइली और पवन खेड़ा ने बुधवार (4 अप्रैल) को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पीयूष गोयल को बर्खास्त करने की मांग की। कांग्रेस का आरोप है कि 25 अप्रैल 2008 से लेकर 1 जुलाई 2010 के बीच मुंबई की शिरडी इंडस्ट्रीज कंपनी के चेयरमैन वर्तमान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल थे। इस कंपनी की ओर से लोन की पहली किश्त चुकाने में देरी की वजह से रेटिंग एजेंसी क्रिसिल भी फटकार लगा चुकी है।

बाद में इस कंपनी ने सरकारी बैंकों से लिया गया कर्ज चुकाया नहीं, फिलहाल कंपनी पर कुल 650 करोड़ रुपये का बकाया है और अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी तक ने इसको फटकार लगाई है। पीयूष गोयल के डायरेक्टर रहते वक्त इस कंपनी को आर्थिक तौर पर नुकसान हुआ और उन्होंने बाद में ये कंपनी छोड़ दी। वहीं शिरडी के प्रमोटरों ने इंटरकॉन एडवर्टाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक कंपनी को भी अनसिक्योर्ड लोन दिया था, इस कंपनी को पीयूष गोयल की पत्नी खुद चला रही थीं।

आरोप है कि मई 2014 में केंद्र में मोदी सरकार ने सरकार ने सत्ता संभाली और पीयूष गोयल को केंद्रीय मंत्री बनाया गया। जिसके बाद 8 जून 2015 को शिरडी इंडस्ट्रीज ‘बीमार’ यानि बैंक का पैसा न लौटाने की स्थिति में घोषित कर दी गई। जिसके बाद शिरडी लि. (राकेश अग्रवाल व मुकेश बंसल) बैंक कर्ज वापस न दे पाने की घोषणा के बाद भी उनकी कंपनी एसिस इंडस्ट्रीज ने 2015-16 में इंटरकॉन एडवर्टाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड 1.59 करोड़ रुपये अनसिक्योर्ड लोन दे दिया।

इस कंपनी की मालिक केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की पत्नी सीमा गोयल हैं। कांग्रेस का दावा है कि गोयल 15 सितंबर 2005 से 22 जुलाई 2013 तक इस कंपनी के भी डायरेक्टर रहे। कांग्रेस ने मांग की है कि इस मामले की एक स्वतंत्र न्यायिक जांच सुप्रीम कोर्ट के एक सिटिंग जज द्वारा कराई जानी चाहिए। साथ ही केंद्रीय मंत्री से इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि अगर पीयूष गोयल इस्तीफा नहीं देते हैं उन्हें फौरन बर्खास्त कर देना चाहिए।

 

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