राफेल पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस ने की JPC जांच की मांग

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राफेल डील पर विपक्ष के आरोपों का सामना कर रही मोदी सरकार को सुप्रीम कोर्ट से शुक्रवार को बड़ी राहत मिली है। राफेल डील की जांच की मांग को लेकर दायर सारी याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (14 दिसंबर) को खारिज कर दी और कहा है कि इस सौदे को लेकर कोई शक नहीं है और कोर्ट को इस मामले में अब कोई हस्तक्षेप नहीं करना चाहती है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद केंद्र सरकार विपक्ष पर हमलावर हो गई है। इसी बीच, कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने मीडिया से बात करते हुए इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

राफेल डील

रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि, सुप्रीम कोर्ट ने आज उस बात पर मुहर लगा दी जो कांग्रेस पार्टी कई महीनों से कहती आ रही थी। हमने पहले ही कहा था कि इस तरह के संवेदनशील रक्षा मामलों पर फैसला लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट मंच नहीं है। इस मामले पर सच तभी सामने आएगा जब इस मामले की जांच जेपीसी करेगी।

साथ ही उन्होंने कहा कि, राफेल सौदे का मामला अनुच्छेद 132 और 32 से जुड़ा है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट विमान के मूल्य और सौदे की प्रकिया से जुड़ी संवेदनशील रक्षा अनुबंध पर फैसला नहीं दे सकता। इस मामले की सिर्फ जेपीसी से जांच कराई जा सकती है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि, लोकसभा में गृहमंत्री राजनाथ सिंह राफेल पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले की अधूरी बात कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मूल्य और सौदे की प्रक्रिया पर वह टिप्पणी नहीं करेगा, क्योंकि यह उसके दायरे में नहीं आता। हमारी मांग थी कि इस पर जेपीसी का गठन हो। जेपीसी के जरिए इसकी जांच कराई जाए, जिस पर सरकार ने अब तक कोई फैसला नहीं लिया है। मुख्य मुद्दा विमान की कीमत से जुड़ा है।

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने भी बयान दिया और कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पीएम और बीजेपी जश्न न मनाएं। सुप्रीम कोर्ट के फैसला अपने आप में विरोधाभासी है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद बीजेपी कांग्रेस पर हमला बोल रही है। बता दें कि 36 राफेल फाइटर जेट की खरीद मामले की कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग वाली याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है।

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