कर्नाटक में चुनावी सभा के दौरान गलत तथ्य बता बैठे PM मोदी, कांग्रेस ने कागज देखकर भाषण देने की दी सलाह, योगेंद्र यादव ने बताया ‘शर्मनाक’

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कर्नाटक में चुनावी सभा के दौरान गुरुवार (3 मई) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गलत तथ्य बता बैठे, जिसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उनका मजाक उड़ाना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया के अलावा पीएम मोदी की इस गलती के बाद विपक्षी दलों ने निशाना साधना शुरू कर दिया है। पीएम ने रैली में पूर्व रक्षामंत्री वी के कृष्ण मेनन के कार्यकाल के बारे में जो बातें कहीं, उसपर स्वराज अभियान के अगुआ योगेंद्र यादव ने भी सवाल खड़े किए है। इतना ही नहीं उन्होंने पीएम को सलाह भी दी है।

(Source: PIB/Twitter)

दरअसल पीएम मोदी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘कर्नाटक वीरता की पर्यायवाची है लेकिन कांग्रेस ने फील्ड मार्शल के एम करियप्पा और जनरल थिमाया के साथ क्या किया? इतिहास इसका एक सबूत है। 1948 में पाकिस्तान को हराने के बाद जनरल थिमाया को प्रधानमंत्री नेहरू और रक्षामंत्री कृष्ण मेनन ने अपमानित किया था।’

पीएम मोदी का यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया, क्योंकि पीएम मोदी ने गलत तथ्य पेश किया था। दरअसल कृष्णा मेनन साल 1957 में देश के रक्षामंत्री बने थे। यही वजह रही कि सोशल मीडिया पर पीएम मोदी के इस बयान का खूब मजाक उड़ा।

थिमैया के बारे में इस टिप्पणी पर कांग्रेस ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इतिहास का बेहतर ज्ञान हासिल करने की कोशिश करनी चाहिए। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ”मोदी जी, बेहतर होगा कि आप कागज देखकर पढ़ना शुरू कर दीजिये ताकि इतिहास का आपका ज्ञान ठीक हो सके।” सुरजेवाला ने कहा कि जनरल थिमैया 1948 में सेना प्रमुख नहीं थे।

योगेन्द्र यादव ने बताया शर्मनाक

कांग्रेस के अलावा पीएम मोदी के इस बात को रीट्वीट करते हुए आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता और स्वराज इंडिया के संस्थापाक योगेंद्र यादव ने लिखा, ‘नहीं सर, कृष्ण मेनन अप्रैल 1957 से अक्टूबर 1962 तक देश के रक्षामंत्री रहे। इसके अलावा जनरल थिमाया मई 1957 से मई 1961 तक आर्मी चीफ थे। सर क्या पीएमओ एक ऐसा आदमी नहीं रख सकता, जो तथ्यों की जांच करे? यह बहुत ही शर्मनाक है!’

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