सुशासन बाबू के बिहार में लौट आया जंगलराज?, नालंदा में मॉर्निंग वॉक पर निकले प्रोफेसर की सरेआम गोली मारकर हत्या

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बिहार में आए दिन अपराध की सनसनीखेज घटनाओं ने ये सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या JDU-BJP सरकार बनने के बाद बिहार में फिर से जंगलराज लौट आया है? दरअसल यह सवाल इसलिए उठ रहा है, क्योंकि राज्य में एक बार फिर अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। ताजा मामला बिहार के नालंदा का है जहां एक प्रोफेसर की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई है। मृतक अरविंद कुमार नालंदा के पीएमएस कॉलेज में प्रोफेसर थे।

बिहार
(प्रतीकात्मक फोटो)

समाचार एजेंसी यूनिवार्ता के मुताबिक नालंदा जिले के बिहारशरीफ थाना क्षेत्र में रविवार बह अपराधियों ने प्रोफेसर की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि बिहारशरीफ के जलालपुर मुहल्ला निवासी प्रोफेसर अरविंद कुमार अहले सुबह टहलने निकले थे तभी एक होटल से कुछ दूर मिल्की के निकट पूर्व से घात लगाए मोटरसाइकिल सवार अपराधियों ने उन्हें गोली मार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।

जिसके बाद आनन-फानन में घायल प्रोफेसर कुमार को इलाज के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल ले जाया जा रहा था तभी रास्ते में उनकी मौत हो गई। सूत्रों ने बताया कि घटना को अंजाम देने के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए। प्रोफेसर अरविंद बिहारशरीफ के पैरू महतो सोमारी कॉलेज में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थे। हत्या के कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति जर्जर

आपको बता दें कि बिहार में अगर आंकड़ों पर नजर डाले तो राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति काफी जर्जर है। बिहार में पिछले बरस हर दिन जहां बलात्कार की तीन से ज्यादा घटनाएं हुईं, वहीं अपहरण के 18 से ज्यादा मामले हर रोज दर्ज किए गए। वहीं, इस वर्ष की पहली छमाही के आंकड़े भी कुछ ऐसे ही हैं।

राज्य के पुलिस मुख्यालय से समाचार एजेंसी भाषा को मिली जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2017 के दौरान प्रदेश में महिला अपराध से जुडे़ कुल 15,784 मामले प्रकाश में आए। इनमें बलात्कार के 1199, अपहरण के 6817, दहेज हत्या के 1081, दहेज प्रताड़ना के 4873 और छेड़खानी के 1814 मामले शामिल हैं।

वर्ष 2018 के जून तक बिहार में महिला अपराध के कुल 7683 मामले प्रकाश में आए। इनमें बलात्कार के 682, अपहरण के 2390, दहेज हत्या के 575, दहेज प्रताड़ना के 1535, छेड़खानी के 890 और महिला प्रताड़ना के 1611 मामले शामिल हैं। मुंबई स्थित टाटा इन्स्टीट्यूट ऑफ सोशल साईंस द्वारा गत 27 अप्रैल को सौंपी गई सामाजिक अंकेक्षण रिपोर्ट के आधार पर मुजफ्फरपुर जिला स्थित एक बालिका गृह में 34 लड़कियों के यौन शोषण का मामला सामने आया।

वैशाली जिले के एक अल्पावास गृह में महिलाओं के यौन उत्पीड़न का मामला प्रकाश में आया। गत 20 अगस्त को भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र में एक युवक की हत्या के संदेह में एक महिला को कथित तौर पर निर्वस्त्र कर घुमाया गया। बिहार के कैमूर, जहानाबाद, नालंदा, सहरसा, दरभंगा आदि जिलों में लड़कियों के साथ छेड़खानी के वीडियो वायरल होने, अश्लील फोटो एवं वीडियो अपलोड करने के मामले भी सामने आए।

 

 

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