उत्तर प्रदेश: CMO के वाहन चालक ने आत्महत्या करने से पहले बनाया था वीडियो, योगी सरकार के मंत्री पर लगाया जबरन वसूली का आरोप; बोला- सेक्स रैकेट मामले से बचाने के लिए मंत्री को दिए 20 लाख रुपये

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उत्तर प्रदेश में ललितपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के वाहन चालक राज कुमार दुबे की आत्महत्या मामले ने एक वीडियो वायरल होने के बाद नया मोड़ ले लिया है। अपने वीडियो में दुबे ने योगी सरकार के एक मंत्री पर जबरन वसूली का आरोप लगाया है।

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समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो में पीड़ित ने दावा किया है कि उसने एक सेक्स रैकेट मामले से खुद को बचाने के एवज में उत्तर प्रदेश के मंत्री मन्नू कोरी को 20 लाख रुपये दिए हैं। दुबे ने रविवार/सोमवार की मध्यरात्रि को आत्महत्या कर ली थी। वीडियो मंगलवार शाम को वायरल हुआ, जिसमें श्रम और रोजगार विनिमय मंत्री पर आरोप लगाया गया है। वीडियो में दुबे ने यह भी कहा कि कोरी, जो कि ललितपुर जिले की मेहरोनी सीट से विधायक भी हैं, के अलावा कुछ अन्य लोग भी उससे जबरन पैसे वसूलने की कोशिश कर रहे थे। वीडियो वायरल होने के बाद ललितपुर के जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ला ने पूरी घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए।

रिपोर्ट्स के अनुसार, दुबे (55) को कुछ साल पहले एक सेक्स स्कैंडल में फंसाया गया था और उसी के लिए वह जेल में एक साल की सजा भी काट चुका है। उसे जनवरी 2019 में रिहा कर दिया गया था। दुबे को उसके घर मृत पाया गया। उसने खुद को फांसी लगाने से पहले वीडियो शूट किया। करीब 1.43 मिनट के वीडियो में दुबे को यह कहते हुए देखा जाता है कि वह आत्महत्या का कदम उठाने जा रहा है, क्योंकि उसे चंद्रपाल सिंह और राजेंद्र सिंह द्वारा सेक्स रैकेट मामले में जबरदस्ती फंसाया गया था।

राज्य मंत्री मन्नू कोरी ने दुबे से कथित तौर पर 20 लाख रुपये की मांग की थी, जो उन्होंने चुकाया था, लेकिन उसके बाद भी जेल भेजा गया था। उन्होंने कहा कि बृजेश और मनोज नाम के दो और व्यक्ति भी उससे 50 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं, जिसे वह दे नहीं पा रहा है। इसके अलावा राजेंद्र सिंह के साथ पप्पू खान नामक व्यक्ति भी उन पर लगातार 4.5 लाख रुपये देने का दबाव बना रहा है, और उसने उनके घर को अपनी पत्नी के नाम पर जबरन पंजीकृत करवा लिया है।

जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि पूछताछ के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं मंत्री मन्नू कोरी ने एक वीडियो के माध्यम से जारी बयान में कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह से झूठे और निराधार है और यह उनकी स्वच्छ छवि को खराब करने का प्रयास था। उन्होंने यह भी कहा कि वह कभी दुबे से नहीं मिले और न ही वह उसे जानते हैं।

आप नेता संजय सिंह ने कोरी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने कोरी सहित सभी आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की भी मांग की है और कहा है कि इस मामले में मजिस्ट्रियल जांच पर्याप्त नहीं थी।

वहीं, उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने योगी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, “ललितपुर के राज कुमार दुबे जी सरकारी शोषण से तंग आ गए थे। अंततः उन्होंने वीडियो बना अपनी व्यथा कह मौत को गले लगा लिया। आज पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर उनका दुःख साझा किया। पीड़ित परिजनों का कहना है कि सरकार के एक मंत्री के दबाव में झूठे मुकदमें में फंसाया गया लगभग 1 साल उन्होंने जेल की यातनाएं सही। बाद में कोर्ट ने उन्हें बाइज्जत बरी किया। हमारी मांग है कि आरोपी मंत्री को तत्काल बर्खास्त किया जाएं तथा अन्य षडयंत्रकारीयो पर कार्यवाई हो एवं इस मामले की सीबीआई जांच हो।”

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