बिहार में बच्चों की मौत के बीच राष्ट्रपति से मुलाकात कर ट्रोल हुए सीएम नीतीश कुमार, यूजर ने पूछा- “मासुम बच्चो की मौत पर मौन क्यो”

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बिहार के मुजफ्फरपुर में एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) यानी चमकी बुखार का प्रकोप जारी है। इंसेफलाइटिस के चलते पिछले करीब 20 दिनों में बिहार के मुजफ्फरपुर और आसपास के कुछ जिलों के लगभग 120 बच्चों की मौत हो चुकी है। बच्चों की मौतों के बीच सीएम नीतीश कुमार ने सोमवार को दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से मुलाकात की। इस मुलाकात की जानकारी उन्होंने खुद सोशल मीडिया के जरीए दी।

नीतीश कुमार

सीएम नीतीश कुमार ने इस मुलाकात की दो तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, “भारत के आदरणीय राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद से राष्ट्रपति भवन में शिष्टाचार मुलाकात करते हुए।” इस मुलाकात को लेकर वो सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गए और लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरु कर दिया।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को एईएस के पीडि़त बच्चों से मिलने के लिए मुजफ्फरपुर के एचकेएमसीएच अस्पताल पहुंचे। वे एसकेएमसीएच में बच्चों के इलाज आदि की व्यवस्था देखेंगे और पीड़ित परिवार के परिजनों से भी मुलाकात करेंगे।

एक यूजर ने लिखा, “नीतीश कुमार अगर सियासी मुलाकात हो गई हो तो जरा मुजफ्फरपुर में मृत्यु शैय्या पर लेटे बच्चों से भी मिलकर उनका हाल चाल जान लिजीए। इतनी दुखद घटना के बावजूद आप अभी तक वहाँ नहीं पहुंचे।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “एक तरफ चीत्कार और बिलखती हुई हृदय विदारक तस्वीरें ,बच्चों की किलकारी की गुम होती तस्वीरों के बीच मुख्यमंत्री जी हंसते मुस्कुराते चित्र आपके दिल को सुकून दे सकते हैं?” एक अन्य यूजर ने लिखा, “पहले बच्चों के लिए कुछ करें न कि सिर्फ फ़ोटो शूट में व्यस्त रहें।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “कुछ शिष्टाचार मुलाकात उन अस्पताल के बच्चो के परिजनों से भी कर लो ….जिनके बच्चे इलाज ना मिल पाने की वजह से मुर्त्यु हो गयी! और आपके स्वस्थ मंत्री क्रिकेट मैच का लुफ्त उठा रहे हैं।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर में सैकड़ों परिवार आपका इंतज़ार कर रहे हैं, जिनके बच्चों की जान बीमारी ने ले ली। वे अपने राज्य के मुखिया से दुख दर्द साझा करना चाहते हैं।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “सौ से ज़्यादा बच्चे मर गए और बेशर्मो की तरह हँसी आ रही है कुर्सी कुमार को।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “समय मिले तो थोड़ा मुजफ्फरपुर भी देख लीजिए!!बहुत बुरा हालत है सरकार! और हां अगर केंद्र सरकार स्पेशल राज्य का दर्जा ना दे तो छोड़ दीजिए एनडीए का साथ!! क्रांतिकारी कदम उठाए जनाब!!” बता दें कि, इसी तरह तमाम यूजर्स इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहें है।

देखिए कुछ ऐसे ही ट्वीट

बता दें कि, इंसेफलाइटिस के चलते पिछले करीब 20 दिनों में बिहार के मुजफ्फरपुर और आसपास के कुछ जिलों के लगभग 120 बच्चों की मौत के बाद लोगों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। नाराजगी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रविवार को यहां के सरकारी एसकेएमसीएच अस्पताल आए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को काले झंडे दिखाये गये। लोगों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पुलिस भी सतर्क है और अस्पताल के आस-पास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

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