डोकलाम विवाद का असर: चीनी हवाईअड्डे पर भारतीय का हुआ अपमान

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भारत ने शंघाई पुदोंग अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर एक चीनी एयरलाइन के कर्मचारियों द्वारा भारतीयों के साथ किए गए कथित दुर्व्यवहार का मामला चीन के समक्ष उठाया है। एक भारतीय यात्री ने यह शिकायत दर्ज कराई थी। सूत्रों ने बताया कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की जानकारी में यह मामला आने के बाद इसे चीनी विदेश मंत्रालय के शंघाई विदेश मामलों के कार्यालय और पुदोंग हवाईअड्डा प्राधिकरण के समक्ष उठाया गया।

(File Photo)

हालांकि, पेइचिंग की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने शनिवार(12 अगस्त) रात कहा कि चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि संबंधित सामग्री और हवाईअड्डे की सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद पाया गया कि घटना से जुड़ी खबरें तथ्यों के अनुरूप नहीं हैं। एयरलाइन ने बयान में कहा, ‘एयरलाइन के कर्मचारियों ने तो शानदार सेवा दी।’

इससे पहले मीडिया में आई खबरों में कहा गया था कि नॉर्थ अमेरिकन पंजाबी असोसिएशन के कार्यकारी निदेशक सतनाम सिंह चहल ने सुषमा को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि उन्होंने देखा कि विमान से व्हीलचेयर यात्रियों को निकालने के लिए बने निकास द्वार पर कर्मचारी (ग्राउंड स्टाफ) भारतीय यात्रियों का अपमान कर रहे थे।

चहल ने छह अगस्त को नई दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को जाने के लिए चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस की फ्लाइट ली थी। उन्हें सैन फ्रांसिस्को जाने वाला विमान लेने के लिए शंघाई पुदोंग हवाईअड्डे पर रुकना पड़ा था। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने संबंधित एयरलाइन से शिकायत की तो अधिकारी उनपर चिल्लाने लगे।

चहल के पत्र के हवाले से कहा गया, ‘मैंने उनके बॉडी लैंग्वेज पर गौर किया कि वे भारत और चीन के बीच बढ़ रहे सीमा विवाद से कुंठित थे।’ यहां वह डोकलाम इलाके में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच लगभग दो माह से चल रहे गतिरोध की ओर इशारा कर रहे थे।

चहल ने सुषमा से यह भी सुझाव दिया कि वे भारतीय यात्रियों को परामर्श जारी करें कि वे चीन के रास्ते होकर जाने से बचें। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने चीन ने भारत में अपने नागरिकों को एक सुरक्षा परामर्श जारी करके कहा था कि वे मौजूदा ‘चीन-विरोधी’ भावनाओं के प्रभाव से बचने के लिए अपनी सुरक्षा पर अधिक ध्यान दें और एहतियात बरतें।

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