जून में खुदरा महंगाई दर 4.87 से बढ़कर 5 फीसदी हुई, चिदंबरम का तंज- “लगता है कि ‘अच्छे दिन’ आने वाले हैं”

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देश में खुदरा मुद्रास्फीति जून में बढ़कर 5 फीसदी रही, जोकि मई में 4.87 फीसदी थी। वहीं, औद्योगिक उत्पादन मई में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में बढ़कर जबकि पिछले महीने की तुलना में घटकर 3.2 फीसदी रहा। पिछले महीने औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 4.9 फीसदी थी। आधिकारिक आंकड़ों से गुरुवार (12 जुलाई) को यह जानकारी मिली।

P Chidambaram
file photo

समाचार एजेंसी IANS के अनुसार केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल जून में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित मुद्रास्फीति की औसत सालाना दर 1.46 फीसदी थी। जून में उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (सीएफपीआई) 2.91 फीसदी रही। हालांकि यह पिछले महीने की तुलना में कम रही। जून में सब्जियों में मुद्रास्फीति दर घटकर 7.8 फीसदी रही, जो कि मई में 8.04 फीसदी थी।

‘ईंधन और ऊर्जा’ श्रेणी की सीपीआई दर जून में 7.14 फीसदी रही, जोकि मई में 5.8 फीसदी थी। पिछले महीने महंगाई बढ़ाने में कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों का भी योगदान रहा जो 75 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर की दर पर है। देश का औद्योगिक उत्पादन मई में पिछले साल के इसी महीने की तुलना में बढ़कर 3.2 फीसदी रहा, जबकि अप्रैल की तुलना में इसमें गिरावट दर्ज की गई है। अप्रैल में औद्योगिक उत्पादन 4.9 फीसदी था। केंद्रीय साख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) ने गुरुवार को औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) के मासिक आंकड़े जारी किए।

चिदंबरम का तंज- ‘अच्छे दिन आने वाले हैं’

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने खुदरा महंगाई दर बढ़ने और औद्योगिक उत्पादन में आई गिरावट को लेकर शुक्रवार (13 जुलाई) को सरकार पर तंज करते हुए कहा कि लगता है कि अच्छे दिन आने वाले हैं। पूर्व वित्त मंत्री ने ट्वीट किया, ‘खुदरा महंगाई दर पांच महीनों के उच्चतम स्तर पर है, जबकि औद्योगिक उत्पादन सात महीनों के निम्नतम स्तर पर है। लगता है कि अच्छे दिन आने वाले हैं।’

उन्होंने निवर्तमान मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम के एक बयान का हवाला दिया और कहा कि नोटबंदी से अर्थव्यवस्था को होने वाले नुकसान संबंधी कांग्रेस नेताओं का अनुमान सच साबित हुआ है। उन्होंने कहा, ‘निवर्तमान मुख्य आर्थिक सलाहकार का कहना है कि अर्थव्यवस्था में गिरावट में नोटबंदी एक कारण है। यही हमने भी कहा था कि नोटबंदी की वजह से जीडीपी को 1.5 फीसदी का नुकसान होगा।’

 

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