ताज विवाद पर लिखते समय व्याकरण की त्रुटि करने पर अंग्रेजी ‘लेखक’ चेतन भगत को मिला ट्वीटर ज्ञान

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चेतन भगत भले ही अपने साहित्यिक कौशल में दक्ष न हो लेकिन हाल के दिनों में वे सबसे सफल भारतीय लेखकों में से एक रहे हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रति उनका समर्थन और दक्षिणपंथी हिन्दुत्व समूह में उनकी लोकप्रियता के कारण वह और अधिक मशहूर हो जाते है।

चेतन भगत

इसलिए इसमें कोई कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि जब वाशिंगटन पोस्ट ने योगी आदित्यनाथ सरकार की विरासत सूची से ताजमहल को हटा देने के निर्णय की आलोचना की थी, तो भगत ने इसके संपादकीय को कटघरे में खड़ा किया था।

वाशिंगटन पोस्ट की शीर्षक ने कहा था, क्या भारत ताजमहल की उपेक्षा इसलिए कर रहा है क्योंकि मुसलमानों ने इसे बनाया था? ऐसा प्रतीत होता है कि भगत ने इस पर अपनी नाराजगी व्यक्त की थी।

उनके ट्वीट कर कहा, भारत विरोधी मुस्लिम पेंटिंग बंद करो, 1) ताज प्यार का स्मारक है 2) अधिक सुंदर बनाम अन्य खूबसूरत जगह बनाते हैं 3) धर्मनिरपेक्षता उपेक्षित है।

उन्होंने अपने एक अन्य ट्वीट में कहा कि ताज आश्चर्यजनक है, लेकिन हम्पी या एलोरा सुंदर कहने के मुकाबले मार्केटिंग में है। इसलिए वाशिंगटन पोस्ट का इस तरह का आलेख गैर जिम्मेदाराना है।

चेतन ट्वीटर पर एक सर्वेक्षण करते है जिसमें वह अपने फाॅलोवर्स से पुछते है कि क्या वह ताजमहल को एक मुस्लिम स्मारक के रूप में देखते है।

उन्होंने लिखा, क्या आपने कभी एक भारतीय होकर ताजमहल को एक मुस्लिम स्मारक के रूप में देखा (जैसा कि वाशिंगटनपोस्ट कह रहा है कि यह उपेक्षा की जा रही है क्योंकि यह मुस्लिम है)

चेतन के इस आखिरी ट्वीट पर ट्वीटर यूजर्स ने फौरन ही उनकी व्याकरण संबंधी त्रुटि को बताना शुरू कर दिया। भगत को अपने इस गलत शब्द के कारण काफी उलाहना झेलनी पड़ी। कुछ ट्वीट्स इस प्रकार से है।

https://twitter.com/thefinaltrumpet/status/915512810377023488

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